
गंगा एक्सप्रेसवे से जुड़ेगा बिजनौर | प्रतीकात्मक फोटो
Ganga Expressway UP Budget: उत्तर प्रदेश बजट 2026-27 में भले ही बिजनौर के लिए कोई सीधी और विशेष घोषणा न की गई हो, लेकिन बजट के दूरगामी प्रभावों को देखें तो आने वाले समय में जनपद की तस्वीर बदलती नजर आ सकती है। खासतौर पर गंगा एक्सप्रेसवे को मेरठ से हरिद्वार तक विस्तारित करने की मुख्यमंत्री की घोषणा ने बिजनौर को जोड़ने की पुरानी मांग को नई ऊर्जा दी है।
लंबे समय से जिले के जनप्रतिनिधि और व्यापारी संगठन एक्सप्रेसवे से कनेक्टिविटी की मांग करते आ रहे थे। यदि यह विस्तार धरातल पर उतरता है, तो बिजनौर को पश्चिमी उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड से सीधा संपर्क मिलेगा, जिससे व्यापार, पर्यटन और निवेश को नई रफ्तार मिल सकती है।
राज्य सरकार की ‘एक जिला एक उत्पाद’ योजना के बाद अब ‘एक जिला एक व्यंजन’ योजना की घोषणा ने भी बिजनौर के लिए संभावनाओं के द्वार खोल दिए हैं। इससे जिले के पारंपरिक व्यंजनों को पहचान और बाजार दोनों मिलेंगे। स्थानीय उद्यमियों, स्वयं सहायता समूहों और महिला समूहों को इससे विशेष लाभ मिलने की उम्मीद है। यह पहल न केवल रोजगार सृजन करेगी बल्कि जिले की सांस्कृतिक पहचान को भी मजबूत करेगी।
बिजनौर कृषि प्रधान जिला है और यहां की अर्थव्यवस्था मुख्य रूप से खेती-किसानी पर आधारित है। सरकार द्वारा कृषि एक्सपोर्ट हब बनाने की दिशा में किए गए प्रावधान से जिले के किसानों को बड़ा लाभ मिल सकता है। यदि जिले को निर्यात हब से जोड़ा जाता है तो यहां उत्पादित गन्ना, धान, गेहूं, सब्जियां और फल सीधे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंच सकेंगे। इससे किसानों की आय बढ़ाने में मदद मिलेगी और कृषि को लाभकारी बनाने की दिशा में ठोस कदम साबित होगा।
बजट से पहले ही सरकार ने गन्ना मूल्य में 30 रुपये प्रति क्विंटल की वृद्धि की घोषणा कर किसानों को बड़ी सौगात दी थी। अब गन्ने का मूल्य 400 रुपये प्रति क्विंटल हो गया है। बिजनौर में गन्ना उत्पादन व्यापक स्तर पर होता है और यहां प्रदेश की सबसे अधिक 10 चीनी मिलें संचालित हैं। इस फैसले से सीधे तौर पर लाखों किसानों की आय में वृद्धि होगी और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
किसानों के नलकूपों के लिए निशुल्क बिजली योजना को जारी रखने की घोषणा भी बेहद अहम है। जिले में करीब 48 हजार नलकूप हैं, जो सिंचाई व्यवस्था की रीढ़ हैं। इसके अलावा बजट में दुग्ध उत्पादन और मत्स्य पालन को बढ़ावा देने के लिए विशेष प्रावधान किए गए हैं। बिजनौर के लगभग 4.25 लाख किसान परिवारों में से अधिकांश किसी न किसी रूप में दुग्ध व्यवसाय से जुड़े हैं। जिले में तालाबों की अधिक संख्या मत्स्य पालन को भी संभावनाशील क्षेत्र बनाती है। इन योजनाओं से ग्रामीण आय के विविध स्रोत मजबूत होंगे।
बिजनौर में छह नगर पालिकाएं और 12 नगर पंचायतें हैं। बजट में नगर निकायों के विकास और बुनियादी ढांचे को बेहतर बनाने के लिए पर्याप्त धनराशि आवंटित की गई है। सड़कों, जल निकासी, स्वच्छता और स्ट्रीट लाइट जैसी सुविधाओं में सुधार से जिले की लगभग आधी आबादी को सीधा लाभ मिलेगा। इससे शहरी जीवन स्तर में सुधार आने की उम्मीद है।
जिले में लंबे समय से नए औद्योगिक क्षेत्र की मांग उठती रही है। विभिन्न मंचों से प्रस्ताव शासन को भेजे गए हैं। इस बार बजट में औद्योगिक क्षेत्र के विस्तार के लिए प्रावधान किए जाने और सरदार वल्लभभाई पटेल इंप्लायमेंट एंड इंडस्ट्रियल जोन बनाने की घोषणा ने उद्यमियों में नई उम्मीद जगा दी है। यदि यह योजना मूर्त रूप लेती है तो जिले में निवेश बढ़ेगा, रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे और युवाओं का पलायन रुक सकता है।
Published on:
12 Feb 2026 07:14 pm
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