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बिजनोर

पुलिस की संवेदनहीनता आई सामने- गंगा नदी से बचाए गए पीड़ित को अस्पताल भेजने के बजाए कागजी खानापूर्ति में लगी रही पुलिस

लोगों का भड़का गुस्सा तो पुलिस वाले के होश आए ठिकाने

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बिजनौर. नाव पलटने से गंगा में डूबे लोगों को निकालने में प्रशासान के इंतज़ाम नाकाम साबित हो रहे हैं। हालात ये है कि लापता लोगों के परिजन ग्रामीणों के साथ मिलकर उनकी खुद तलाश कर रहे हैं। इस दौरान परिजनों ने मीना नाम की एक 45 वर्षीय महिला को अपनी नाव से खुद निकाल कर बाइक पर लेकर अस्पताल जा रहे थे। मौके पर कोई एम्बुलेंस न होने पर लोगों में काफी गुस्सा देखा गया। बाइक पर मीना को अस्पताल ले जा रहे परिजनों को रोककर उपचार देने की बजाय नाम नोट करने में पुलिस का दरोगा मशगूल रहा। उसे प्राथमिक उपचार देने की जगह पूछताछ करता रहा। इससे वहां मौजूद लोग भड़क गए। लोगों का गुस्सा बढ़ता देख पुलिस वालों के भी होश उड़ गए। इसके बाद पीड़ित को वहां से जाने दिया।