
बिजनौर. आज इंसान अपनी लालच को पूरा करने के लिए न तो पहाड़ को सुरक्षित छोड़ा है और न ही अब जंगल ही महफूज है। हालात ये है कि जंगल का रकबा सिकुड़ने की वजह से जंगली जीव आबादी की ओर रुख कर रहे हैं। ऐसा ही एक नजारा मंगलवार को बिजनौर जिले के अमानगढ रेंज के गांव लालपुरी में देखने को मिला। यहां एक किसान के घर में घुसकर जंगली हाथी ने जमकर उत्पात मचाया । हालांकि, समय रहते कुत्तों के भौकने की आवाज के चलते किसी तरह मकान मालिक ने भागकर अपनी जान बचाई । इस दौरान गुस्साये हाथी ने एक बछड़े को मौत के घाट उतारते हुए दो गायों को भी जख्मी कर दिया । जंगलों में पानी की कमी को लेकर जंगली जानवर लगातार रिहायशी इलाकों का रुख कर रहे हैं।
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आपको बता दे कि इससे पहले भी लालपूरी में इस परिवार पर दो बार जंगली जानवरों ने हमला किया था। जिसमें गुलदार के हमले से गंगा सिंह के भाई कुलविन्दर की इलाज के दौरान मौत हो गयी थी । लगातार हमलों के बावजूद भी वन विभाग के अधिकारी गहरी नींद में सोये हुए हैं। इसका खामियाजा लोगों को उठाना पड रहा है । ग्रामीण गंगा सिंह की माने तो अगर समय रहते कुत्ते ना भौकते तो गंगाराम को भी अपनी जान से हाथ धोना पड़ता । गुस्साये हाथी ने दीवार और चारपाई तोड़ते हुए पशुशाला मे घुसकर कई घण्टे तक ताडव मचाया और एक बछड़े को मौत के घाट उतार दिया। जबकि दो गायो को गंभीर रूप से घायल कर दिया । किसी तरह ग्रामीणों के शोर मचाने पर हाथी जंगल की ओर चला गया । तब कही जाकर गांव वालों ने राहत की सांस ली । फिलहाल, वन अधिकारी पशुओं का पोस्टमास्टम कराकर मुआवजा दिलाने की बात कह रहे हैं ।
Published on:
23 May 2018 02:03 pm

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