24 जनवरी 2026,

शनिवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

60 करोड़ की लागत से बन रहा है ए क्लास मेडिसिंन विंग, ये होंगी सुविधाएं…

साठ करोड़ की लागत से बनेगा ए क्लास मेडिसिन विंग। मरीजों को एक ही छत के नीचे मिलेगी सभी सुविधाएं। रखरखाव के लिए बनेगा अलग से फंड। 22 करोड़ का प्रोजेक्ट पहुंचा 60 करोड़ तक।

2 min read
Google source verification
60 करोड़ की लागत से बन रहा है ए क्लास मेडिसिंन विंग, ये होंगी सुविधाएं...

60 करोड़ की लागत से बन रहा है ए क्लास मेडिसिंन विंग, ये होंगी सुविधाएं...

बीकानेर. संभाग के सबसे बड़े पीबीएम अस्पताल में मरीजों की सुविधा के लिए यहां के दानदाताओं ने खुल कर सहयोग दिया है। यहीं वजह है कि आज अस्पताल परिसर में कई बीमारियों के आउटडोर अलग-अलग हो गए हैं। अस्पताल में सबसे अधिक मरीज मेडिसिन विभाग के आउटडोर में आते हैं, लेकिन इस विभाग के लिए अलग से भवन नहीं बना हुआ है। ऐसे में सीजन में मरीजों को भर्ती करने के लिए बेड कम पड़ जाते हैं और उन्हें जमीन पर सुलाया जाता है। इस परेशानी को देखते हुए ही नापासर के श्रीमती सीएम मूंधड़ा मेमोरियल चेरिटेबल ट्रस्ट ने अलग से विंग बनाने का जिम्मा लिया और इसका काम शुरू कर दिया। इस भवन का काम दिसंबर 2023 तक पूरा होने की उम्मीद है।

इस विंग में यह सुविधाएं होंगी

मरीजों के हित को ध्यान में रखते हुए प्रोजेक्ट लागत को 22 करोड़ रुपए से बढ़ाकर 60 करोड़ रुपए कर दिया गया है। इस विंग में एक फ्लोर की और बढ़ोतरी की गई है। इसका निर्माण अस्पताल परिसर में 2 लाख 79 हजार स्कवायर फीट में किया जाएगा। इस विंग में 50 बेड के लग्जरी कॉटेज, मरीजों के परिजनों के लिए 500 कुर्सियों का प्रतीक्षालय, 8 वार्ड, 40 बेड का आइसीयू, 2 आइसोलेशन वार्ड, ट्रेनिंग हॉल, 8 यूनिट के लिए चिकित्सक चैंबर बनाए जाएंगे। इसके अलावा 250 की क्षमता का कार पार्किंग एरिया, रोगियों की सुविधा के लिए 4 लिफ्ट, 4 सीढियां, रैम्प, प्रयोगशाला, 5 लाख लीटर का अंडरग्राउंड वाटर टैंक, ओवरहेड वाटर टैंक, फायर फाइटिंग सिस्टम, जेनरेटर सेट रूम व रोगियों के लिए कैन्टीन का निर्माण करवाया जाएगा। इसके अलावा लॉन्ड्री की व्यवस्था भी इसी विंग में की जाएगी। साथ ही आरओ सिस्टम भी लगाया जाएगा। इस विंग का नक्शा तैयार किया गया था, तो पहले इसे दो मंजिला बनाने की योजना बनाई गई। बाद में इसे तीन मंजिला बनाने का निर्णय हुआ। इस वजह से इसकी लागत भी बढ़ गई।