
किस अंग से हुई कैंसर की शुरुआत, बताएगी अत्याधुनिक मशीन
कैंसर इलाज के लिए उत्तर भारत में अपनी पहचान बना चुके आचार्य तुलसी क्षेत्रीय कैंसर अनुसंधान केन्द्र का विकास कराने की कवायद शुरू हो गई है। हालांकि वर्तमान में इस केन्द्र में राजस्थान के अलावा अन्य प्रांतों के कैंसर मरीज भी अपना इलाज कराने के लिए आते हैं। मरीजों की संख्या को देखते हुए अब इस केन्द्र का विकास कराने की कवायद शुरू हो गई है। इसके लिए राज्य सरकार ने प्रस्ताव मांगे हैं। ताकि आगामी बजट में राशि स्वीकृत की जाए। केन्द्र तथा मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने केन्द्र में दो अलग भवन बनाने के लिए वित्त विभाग को प्रस्ताव भेज दिया है। अगर किसी प्रकार की तकनीकी खामी नहीं रही, तो करीब 20 करोड़ रुपए के प्रस्ताव को हरी झंडी मिल जाएगी। इस राशि से सर्जरी तथा मेडिकल ऑन्कोलॉजी भवन तैयार किए जाएंगे। साथ ही मरीजों की सुविधा के लिए भी कई तरह की जांचें शुरू हो जाएंगी और बेड संख्या में भी बढ़ोतरी हो सकेगी।
सर्जरी ऑन्कोलॉजी विंग तैयार होने का फायदा
केन्द्र परिसर में सर्जरी ऑन्कोलॉजी भवन तैयार होनन्से के लिए कैंसर मरीजों के लिए ऑपरेशन की सुविधा में बढ़ोत्तरी हहो जाएगी। इसके लिए दस करोड़ रुपए का प्रस्ताव भेजा गया है। इस समय केन्द्र में प्रतिदिन औसतन पांच मरीजों का ऑपरेशन किया जा रहा है। अलग से भवन तैयार होने के बाद अतिरिक्त स्टाफ उपलब्ध हो सकेगा और ऑपरेशनों की संख्या भी बढ़ जाएगी। इसके अलावा लिफ्ट की भी व्यवस्था रहेगी।
अलग से आइसीयू होगा तैयार
सर्जरी ऑन्कोलॉजी तैयार होने के बाद इसमें अलग से आइसीयू बनेगा। इसमें मरीजों की संख्या के आधार पर बेड की व्यवस्था की जाएगी। इसके अलावा जीवन रक्षक उपकरण भी उपलब्ध कराए जाएंगे। साथ ही वार्ड में ही दवाइयों आदि की व्यवस्था की जाएगी। इस समय ऑपरेशन करने के बाद मरीजों को सामान्य वार्ड में शिफ्ट किया जाता है।
मेडिकल ऑन्कोलॉजी के लिए दस करोड़ का प्रस्ताव
केन्द्र में अलग से मेडिकल ऑन्कोलॉजी भवन के लिए दस कराेड़ रुपए का प्रस्ताव भेजा गया है। इस भवन में सभी तरह की जांचों की व्यवस्था की जाएगी। अलग से वार्ड भी तैयार किए जाएंगे। इस समय मरीजाें के लिए तीन वार्ड तय हैं। नए भवन बनने से बेड की संख्या भी बढ़ जाएगी।
इम्युनोहिस्टो कैमेस्ट्री जांच की सुविधा
मेडिकल ऑन्कोलॉजी का नया भवन बनने के बाद इसमें कैंसर मरीजों की जांच के लिए अलग से प्रयोगशाला स्थापित की जाएगी। इस प्रयोगशाला में अन्य सामान्य जांचों के लिए इम्युनोहिस्टो कैमेस्ट्री जांच होगी। यह जांच इस समय बीकानेर में नहीं हाे रही है। बाहर से कराने पर इसका शुल्क करीब पांच हजार रुपए लगता है। निजी लैब सैंपल लेकर बाहर भेजती है। कैंसर केन्द्र में इस जांच की सुविधा शुरू हाेने से मरीजों को राहत मिलेगी। इस जांच से यह पता चलता है कि मरीज के शरीर के किस अंग से कैंसर की शुरुआत हुई है। साथ ही कैंसर का प्रकार का भी पता चल सकेगा। इस समय प्रति माह 40 मरीजों की जांच बाहर से कराई जा रही है। ब्रेस्ट तथा लंग्स कैंसर के लिए यह जांच महत्वपूर्ण है।
मरीजों को मिलेगा फायदा
अगर सरकार दोनों ही बीस करोड़ रुपए का प्रस्ताव स्वीकार करती है तो इससे मरीजों को फायदा पहुंचेंगा। यहां पर राजस्थान के अलावा अन्य राज्यों के मरीज भी इलाज के लिए आते हैं। उन्हें इलाज में किसी प्रकार की परेशानी नहीं होगी।
डॉ. एचएस कुमार, निदेशक आचार्य तुलसी कैंसर केन्द्र
Published on:
13 Dec 2022 09:49 pm
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