हर बार दीपावली पर प्रदूषण बढ़ता है लेकिन इसकी माप प्रदर्शित करने की व्यवस्था नहीं होने से लोग महसूस तो करते हैं लेकिन आंकड़ों में नहीं देख पाते।
दीपावली पर पटाखों के प्रदूषण और सर्दी के साथ हल्की धुंध के चलते मौसम में नमी बढ़ने से वायु प्रदूषण बढ़ा है। वायु में प्रदूषण का स्तर बढ़ने से श्वास रोगियों को ज्यादा परेशानी होने लगी है। हालांकि हर बार दीपावली पर प्रदूषण बढ़ता है लेकिन इसकी माप प्रदर्शित करने की व्यवस्था नहीं होने से लोग महसूस तो करते हैं लेकिन आंकड़ों में नहीं देख पाते। अब प्रदूषण स्तर की लाइव जानकारी देने के लिए शहर में स्क्रीन लग चुकी हैं। इसके बाद यह पहली दीपावली आई है जब लोगों ने दीपावली पर पटाखों से होने वाले प्रदूषण को प्रमाणिकता के साथ देखा है। मौसम में बदलाव के साथ ही पिछले कुछ दिनों से प्रदूषण के स्तर में उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। बीच में हल्की बारिश होने से वायु कुछ साफ हुई और प्रदूषण का स्तर भी न्यूनतम पर आ गया। परन्तु बदलते मौसम से खांसी, जुकाम, आंखों में जलन और एलर्जी के मरीज बढ़ रहे हैं। बीच में हल्की बूंदाबांदी होने से सुखद बात रही कि दो दिन तक पॉल्यूशन स्तर ठीक रहा। यह बढ़कर मंगलवार को रात 8 बजे मध्यम स्तर पर पहुंच गया। शहर की कुछ कॉलोनियों की बात की जाए तो वहां प्रदूषण मध्यम स्तर पर रह रहा है। हालांकि 9 नवंबर को शाम के इस सीजन में प्रदूषण अधिकतम स्तर तक 200 एक्यूआई के पार कर गया था।
उतार-चढ़ाव से होरही परेशानी
प्रदूषण जांच के डेटा के अनुसार एक नवंबर को एयर क्वालिटी इंडेक्स 134 एक्यूआई था। वह 9 नवंबर को 231 तक पहुंच गया। वहीं मंगलवार को स्तर 158 दर्ज किया गया। राहत की बात यह रही की 10 नवंबर और 11 नवंबर को हल्की बूंदाबांदी से प्रदूषण का स्तर नीचे आ गया।
दीपावली पर बढ़ा प्रदूषण
दीपावली से दो दिन पहले प्रदूषण का स्तर जेएनवी में 189, बल्ल्भ गार्डन में 231, खतूरिया कॉलोनी में 190 तथा अंबेडकर कॉलोनी में 200 पर रहा। इसके बाद हल्की बूंदाबांदी से इसमें सुधार हुआ और प्रदूषण स्तर जेएनवी में 130, बल्ल्भ गार्डन में 130, खतूरिया कॉलोनी में 117, अंबेडकर कॉलोनी में 127 पर आ गया। मंगलवार को जेएनवी में 158, बल्ल्भ गार्डन में 156, खतूरिया कॉलोनी में 156 एक्यूआई रहा।
श्वास और एलर्जी के मरीज मास्क पहनें
प्रदूषण स्तर बढ़ने से श्वास मरीज, खांसी और जुकाम के मरीजों को ज्यादा परेशानी होती है। एलर्जी और आंखों में जलन से लोग परेशान रहते हैं। पीबीएम अस्पताल के श्वास रोग विभाग में दीपावली पर मरीज पांच गुणा तक बढ़ गए। कुछ रिसर्च में प्रदूषण स्तर बढ़ने से शुगर लेवल में भी बढ़ोतरी होती है। प्रदूषण से बचाव के लिए एलर्जी और श्वास के रोगियों को इन दिनों मास्क का उपयोग करना चाहिए। एयर प्यूरीफायर का उपयोग करने से भी राहत मिलती है।
- डॉ. माणक गुजरानी, श्वसन रोग विशेषज्ञ, पीबीएम अस्पताल