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चुनावों की सरगर्मियों के साथ ही बढ़ी शराब व मादक पदार्थ तस्करी

पुलिस व आबकारी विभाग ने मूंद रखी आंखें
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बीकानेर

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Jai Prakash Gahlot

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Updated: 19 Sep 2020, 9:38 AM IST

चुनावों की सरगर्मियों के साथ ही बढ़ी शराब व मादक पदार्थ तस्करी

चुनावों की सरगर्मियों के साथ ही बढ़ी शराब व मादक पदार्थ तस्करी

केस एक :- जामसर पुलिस ने नाकाबंदी के दौरान बम्बलू गांव में राणीसर रोड पर नाकाबंदंी के दौरान १५ सितंबर को अवैध शराब से भरी पिकअप गाड़ी पकड़ी। एक आरोपी को भी पकड़ा। इसका पुलिस तीन दिन बाद भी पता नहीं लगा पाई है कि यह शराब कहां से और किसने के लिए लाई गई थी।

केस दो :- जिला स्पेशल टीम (डीएसटी) जिले के विभिन्न थाना पुलिस के साथ करीब आधा दर्जन अवैध शराब तस्करी करने एवं बेचने वालों के खिलाफ कार्रवाई कर चुकी है। टीम आधा दर्जन व्यक्तियों को गिरफ्तार कर चुकी है वहीं करीब ८०० से १००० अवैध देशी व अंग्रेजी शराब के पव्वे जब्त कर चुकी हैं।


बीकानेर। पंचायत चुनाव की सरगर्मियां तेज हो गई है। संभावित उम्मीदवार एवं उनके समर्थक साम, दाम और दंड भेज की राजनीति पर मंथन करने में मशगूल हो गए हैं। चुनाव प्रचार-प्रसाद के दौरान वोटरों को अपने पक्ष में करने के लिहाज से शराब व डोडा-पोस्त जैसे नशीले पदार्थ बांटे जाने की आशंका प्रबल हैं। शराब एवं डोडा-पोस्त का प्रलोभन देकर वोटों को रिझाने के लिए उम्मीदवारों एवं उनके समर्थकों ने कमर कस ली है। इसी का नतीजा है पंचायत चुनाव की घोषणा के साथ ही जिले में शराब तस्करी व अवैध बिक्री बढ़ गई है। पिछले दस दिन से लगातार अवैध शराब के खिलाफ कार्रवाई हो रही है। हर दिन अवैध शराब के साथ आरोपी पकड़े जा रहे है इसके बावजूद अवैध शराब तस्करी बदस्तूर जारी है।


चुनाव में शराब बंटने के लगते हैै आरोप
अक्सर चुनावों के दौरान उम्मीदवारों एवं उनके समर्थकों पर वोटरों को प्रलोभन देकर अपने पक्ष में करने के आरोप लगते रहे हैं। विशेष कर पंचायत चुनावों के दौरान ग्रामीण क्षेत्रों में वोटरों को लुभाने के लिए हर कोशिश की जाती है। इसी का परिणाम है कि अक्सर चुनावों के दरम्यिान अवैध शराब तस्करी के १० प्रतिशत मामले बढ़ जाते हैं। चुनावों के दौरान पुलिस महज छिटपुट अवैध शराब तस्करी करने वालों के खिलाफ कार्रवाई कर इतिश्री कर लेती है।


पुलिस व आबकारी विभाग की अनदेखी
पुलिस व आबकारी विभाग की अनदेखी के चलते अवैध रूप से शराब बिक्री के मामले बढ़ रहे हैं। आबकारी विभाग अवैध शराब तस्करी और बिक्री रोकने के आदेश कागजों में कर इतिश्री कर लेता है। वहीं पुलिस की गश्त व थानों के आगे से गाडिय़ां गुजरती है लेकिन वे उन्हें पकड़ नहीं पाते। दिखावे के तौर पर छिटपुट कार्रवाई की जाती है।

सरगना नहीं आते पकड़ में
पुलिस जब भी अवैध शराब व हथियार तस्करों के खिलाफ कार्रवाई करती है। इन मामलों में ९९ प्रतिशत ऐसे होते हैं, जिनमें पुलिस कभी सरगना को नहीं पकड़ पाती है। सरगना तो दूर पुलिस यह भी पूरी तरह से पता नहीं लगा पाती है कि यह शराब कहां से लेकर आया था और किसे देने जा रहा था। पुलिस का जवाब होता है कि वाहन चालक को फोन पर वाहन को लेकर जाने के ही निर्देश मिले, संबंधित ठिकाने पर पहुंचने पर आगे के निर्देश मिलते हैं। इस कारण सरगना तक पुलिस नहीं पहुंच पा रही।


इनका कहना है...
चुनावों को लेकर पुलिस ने तैयारी कर रखी है। मुख्यालय के निर्देशानुसार अवैध शराब, हथियारों के खिलाफ कार्रवाई कर रहे हैं। पूरे जिले में चौकसी बढ़ा दी गई है। अवैध शराब व हथियार तस्करों के खिलाफ थानाधिकारियों को कार्रवाई करने की सख्त हिदायत दी गई है। गश्त व नाकाबंदी को ए श्रेणी कर कर रहे हैं ताकि चुनावों में किसी तरह की कानून व्यवस्था न बिगड़े।
सुनील कुमार, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ग्रामीण