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बीकानेर को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग माध्यम से हाईकोर्ट से जोड़ने की घोषणा

सीजेआई डीवाई चन्द्रचूड़ ने एमजीएसयू में आयोजित समारोह में किया ऐलान। राजस्थान के मुख्य न्यायाधीश एमएम श्रीवास्तव भी शामिल हुए। बीकानेर को वर्चुअल रूप से जोधपुर हाईकोर्ट से जोड़ने की घोषणा का अधिवक्ताओं ने तालियां बजाकर स्वागत किया।

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बीकानेर को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग माध्यम से हाईकोर्ट से जोड़ने की घोषणा

बीकानेर को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग माध्यम से हाईकोर्ट से जोड़ने की घोषणा

बीकानेर. देश के मुख्य न्यायाधीश डीवाई चन्द्रचूड़ ने शनिवार को महाराजा गंगासिंह विश्वविद्यालय में आयोजित समारोह में बीकानेर को जोधपुर हाईकोर्ट से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग माध्यम से जोड़ने का ऐलान किया। उन्होंने कहा कि ई-कोर्ट फेज थ्री की शुरुआत बीकानेर से की जा रही है। अब बीकानेर से वकील सीधे हाईकोर्ट में वीसी के माध्यम से पैरवी कर सकेंगे।

सीजेआई चन्द्रचूड़ ने कहा कि ‘हमारा संविधान-हमारा सम्मान’ एक वाक्य नहीं बल्कि अपनत्व का परिचायक है। इसका अर्थ है कि संविधान आम आदमी से कैसे जुड़ा है। संविधान वह दस्तावेज है, जो तय करता है कि देश किन मूल्यों पर चलेगा। राजनीतिक व्यवस्था कैसी होगी। लोगों का जीवन कैसा होगा। सरकार के दायित्व क्या होंगे। इसमें सामान्य सिद्धांतों और मानवीय भावनाओं को प्रगट करने वाले प्रावधान और प्रशासनिक विवरण एक साथ मिल जाते है।

सीजेआई चन्द्रचूड़ ने कहा कि जब संविधान में निहित अधिकारों को पढ़ते हैं, उनके उपयोग के बारे में जानते हैं। तब पता चलता है कि दैनिक जीवन में कितना जरूरी है। दैनिक मजदूरी, पेंशन, साफ पानी, राशन, पढ़ाई, स्वास्थ्य इन सबका अधिकार संविधान से आता है। यह स्पष्ट करता है कि संविधान सिर्फ न्यायालय, सरकारी दफ्तरों और किताबों तक सीमित नहीं है।

कार्यक्रम में केन्द्रीय कानून मंत्री अर्जुनराम मेघवाल, राजस्थान के कानून मंत्री जोगाराम पटेल, राजस्थान के मुख्य न्यायाधीश एमएम श्रीवास्तव भी शामिल हुए। बीकानेर को वर्चुअल रूप से जोधपुर हाईकोर्ट से जोड़ने की घोषणा का अधिवक्ताओं ने तालियां बजाकर स्वागत किया। बाद में सीजेआई अधिवक्ताओं से मिलने उनके बीच पहुंचे जहां उनका स्वागत किया गया।