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बारिश में भीग रहे हैं, तो सावधान, आंखों में हो सकता है यह रोग

यह पहला मौका है, जब अस्पताल के आउटडोर बड़ी संख्या में आइ फ्लू के मरीजों से ठसाठस हैं। इसमें अधिकांश मरीज एक ही परिवार के भी हैं, जाे संक्रमित हुए हैं।

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बारिश में भीग रहे हैं, तो सावधान, आंखों में हो सकता है यह रोग

बारिश में भीग रहे हैं, तो सावधान, आंखों में हो सकता है यह रोग

बीकानेर. मानसूनी बरसात से जहां गर्मी से राहत मिल रही है तथा मन को सुकून मिल रहा है। वहीं कई लोग बरसाती पानी से आंखों की बीमारी की चपेट में भी आ रहे हैं। इस समय पीबीएम के नेत्र चिकित्सालय में मरीजों की संख्या अचानक ही बढ़ गई है। आउटडोर में इस समय जितने नेत्र रोगी आ रहे हैं। उसमें 70 प्रतिशत बरसाती पानी से भीगने की बात कह रहे हैं। इनमें एडिनो वायरस कंजक्टिवाइटिस (आइ फ्लू) का संक्रमण नजर आ रहा है। यह पहला मौका है, जब अस्पताल के आउटडोर बड़ी संख्या में आइ फ्लू के मरीजों से ठसाठस हैं। इसमें अधिकांश मरीज एक ही परिवार के भी हैं, जाे संक्रमित हुए हैं। चिकित्सकों ने सलाह दी है कि अगर परिवार में किसी एक सदस्य की आंख में दिक्कत है, तो कई दिनों तक उसके संपर्क से दूर रहें। स्थानीय लोगों के अलावा बाहर से आने वाले लोग भी आंखों की बीमारी लेकर आ रहे हैं।

इस तरह हो रहा आईफ्लू

बरसात के बाद कन्जक्टिवाइटिस (आई फ्लू) से लोग प्रभावित हाेने लगते हैं। गत एक सप्ताह से आइ फ्लू से प्रभावितों का आना जारी हो गया है। नेत्र चिकित्सालय के आउटडोर में मरीजों का पंजीकरण देखें, तो 70 प्रतिशत रोगी आइ फ्लू से पीडि़त मिल रहे हैं। चिकित्सकों का कहना है कि एक प्रकार से आउटडोर में आना वाला हर दूसरा मरीज आई फ्लू की शिकायत लेकर आ रहा है। स्थिति यह है कि सुबह 8 बजे आउटडोर खुलने से पहले ही मरीजों की लाइन लग जाती है। यहीं स्थिति चिकित्सकों के निजी क्लीनिकों पर भी नजर आ रही है।

क्या है आई फ्लू

आई फ्लू जिसे चिकित्सकीय भाषा में कन्जक्टिवाइटिस कहा जाता है। यह आमतौर पर बरसात के बाद होता है। इसके होने से आंखों में जलन होने लगती है। अगर परिवार में किसी एक सदस्य की आंख इस वायरस से संक्रमित है, तो अन्य सदस्यों को भी खतरा बना रहता है। अस्पताल के आउटडोर में एक ही परिवार के लोग आई फ्लू की शिकायत लेकर आ रहे हैं।

संक्रमण का खतरा बच्चों को अधिक

आई फ्लू ऐसी बीमारी है, जो संक्रमण से फैलती है। छोटे बच्चों को यह संक्रमण जल्दी चपेट में लेता है। यह बीमारी एक-दूसरे के संपर्क में आने से जल्दी फैलती है। इसलिए अगर काेई इसकी चपेट में आ गया है तो उसके संपर्क में आने से बचे।

बिना सलाह के दवा नहीं डालें

अगर कोई आई फ्लू की चपेट में आ गया है, तो चिकित्सक की सलाह के बिना आंखों की दवा डालने से बचें। यह वायरस संक्रमित होता है। इसलिए पीडि़त व्यक्ति के संपर्क में आने से बचें। इस समय 70 प्रतिशत मरीज आउटडोर में इसी संक्रमण से प्रभावित होकर आ रहे हैं। डॉ. जयश्री मुरली मनोहर, अध्यक्ष नेत्र रोग विभाग पीबीएम अस्पताल

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