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…तो इस तबादला सीजन में फिर अटक गया थर्ड ग्रेड टीचरों का ट्रांसफर का मसला

शनिवार को बीकानेर में पत्रिका से बातचीत में शिक्षा मंत्री ने कहा कि अब तबादलों पर एक-दो दिन में ही रोक लगने वाली है। हालांकि, उन्होंने तृतीय श्रेणी शिक्षकों के तबादलों के सवाल पर कहा कि करेंगे जरूर, लेकिन अभी समय लगेगा।

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तृतीय श्रेणी शिक्षकों के तबादलों को लेकर आई बड़ी खबर...खुद मंत्री ने कही यह बात

तृतीय श्रेणी शिक्षकों के तबादलों को लेकर आई बड़ी खबर...खुद मंत्री ने कही यह बात

बीकानेर. शिक्षा विभाग में करीब दो महीने से चल रहा तबादलों का दौर अब थमने वाला है। शिक्षा मंत्री डॉ. बीडी कल्ला ने शनिवार को बीकानेर में पत्रिका से बातचीत में कहा कि अब तबादलों पर एक-दो दिन में ही रोक लगने वाली है। शिक्षा सत्र में पढ़ाई सुचारु रूप से चलाने के लिए यह जरूरी है। उन्होंने तृतीय श्रेणी शिक्षकों के तबादलों के सवाल पर कहा कि करेंगे जरूर, लेकिन अभी समय लगेगा।

डॉ. कल्ला ने कहा कि तृतीय श्रेणी शिक्षकों के तबादलों के लिए अलग-अलग राज्यों की नीतियों का अध्ययन चल रहा है। इसके बाद एक नीति को अंतिम रूप देकर कैबिनेट से स्वीकृति के उपरांत तबादले किए जाएंगे। इसमें मुख्य बाधा जिला मेरिट पर भर्ती का होना तथा इनकी वरिष्ठता प्रभावित होने की आ रही है। इसके लिए यह भी सुझाव आया है कि एक से दूसरे जिले में जाने पर वरिष्ठता शून्य हो जाएगी। इसके लिए तबादले का इच्छुक शिक्षक तैयार हो। दूसरा विकलांग, विधवा-परित्यकता, कैंसर और गंभीर बीमारी से पीडि़त और विशेष मामलों में तबादले किए जाएं। जिले के अंदर तबादले किए जा सकते हैं, परन्तु अब नीति को अंतिम रूप देकर ही किए जाएंगे। डॉ. कल्ला ने कहा कि वर्तमान सरकार के कार्यकाल में ही तृतीय श्रेणी के तबादले होंगे जरूर, लेकिन इसमें समय लगेगा।

भाजपा की राह पर कांग्रेस

प्रदेश में करीब 65 हजार तृतीय श्रेणी शिक्षक तबादलों के लिए कतार में हैं। इतनी बड़ी तादाद में तबादले करना शिक्षा विभाग में संभव नहीं है। इनमें ज्यादातर ऐसे शिक्षक हैं, जो शिक्षा के मामले में पिछड़े जिलों में मेरिट कम रहने से अन्य अग्रणी जिलों में जाकर लग गए। अब यदि उनके तबादले गृह जिलों में कर दिए जाएंगे, तो बाड़मेर, जैसलमेर और सिरोही जैसे कई जिलों में शिक्षक रहेंगे ही नहीं। प्रदेश की कांग्रेस सरकार तबादले कर राजनीतिक फायदा तो लेना चाहती है, लेकिन इसके जोखिम को देख कर कदम पीछे हटा लेती है।

सूत्रों के मुताबिक मुख्यमंत्री और कैबिनेट कुछ समय पहले तृतीय श्रेणी के कुछ जरूरी तबादले करने के लिए सहमत हो गई थी। इसी दौरान प्रदेश के कुछ सीनियर अधिकारियों ने पूर्ववर्ती भाजपा सरकार का मामला सीएम के समक्ष रखा। भाजपा ने सरकार के कार्यकाल के अंतिम छह माह में कुछ हजार तबादले किए थे। तबादलों पर विवाद नहीं हो, इसलिए उसी पैटर्न पर कांग्रेस सरकार को तबादले करने का सुझाव दिया गया। जिस पर फिलहाल छह महीने के लिए तबादले टाल दिए गए हैं।

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