
शिवरतन अग्रवाल की अंतिम विदाई Image Source: फोटो पत्रिका
बीकानेर: बीकाजी फूड्स इंटरनेशनल के सीएमडी शिवरतन अग्रवाल, जिन्हें शहर में प्यार से फन्ना बाबू कहा जाता था, शुक्रवार को पंचतत्व में विलीन हो गए। 74 वर्ष की उम्र में उनके निधन के बाद बीकानेर ही नहीं, पूरे उद्योग जगत में शोक की लहर है। शुक्रवार को उनकी अंतिम यात्रा सार्दुलगंज स्थित निवास से निकली, जहां बड़ी संख्या में लोग उन्हें अंतिम विदाई देने पहुंचे। शिवरतन अग्रवाल अपनी पत्नी के इलाज के सिलसिले में चेन्नई गए थे। जहां 23 अप्रैल को हार्ट अटैक से उनका निधन हो गया था।
पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने भी पहुंचकर श्रद्धांजलि अर्पित की। उनके साथ पूर्व मंत्री डॉ. बीडी कल्ला, भंवर सिंह भाटी और देवी सिंह भाटी समेत कई लोग मौजूद रहे। गहलोत ने शवयात्रा में शामिल होकर अर्थी को कंधा दिया और शोक व्यक्त किया। गहलोत ने कहा कि शिवरतन अग्रवाल उर्फ फन्ना बाबू के परिवार से उनके 40 साल से पारिवारिक रिश्ते है। आठवीं तक पढ़े अग्रवाल ने छोटे से शहर से अपने ब्रांड को पुरे विश्व तक पहचान करने का काम किया।
बीकानेर के सतीमाता मंदिर के पास अग्रवाल समाज के श्मशान घाट में उनका अंतिम संस्कार किया गया। यहां करीब 5 क्विंटल चंदन की लकड़ी से चिता तैयार की गई। उनके इकलौते बेटे दीपक अग्रवाल ने उन्हें मुखाग्नि दी। अंतिम यात्रा के दौरान शहर के लोगों भावुक हो गए। शोक में शुक्रवार दोपहर तक बीकानेर के कई बाजार बंद रहे। शहर में शोक का माहौल देखने को मिला। इस शव यात्रा में बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे। उनकी अंत्योष्टि नत्थूसर गेट के बहार हांड़ी कुंडी में की गई।
शिवरतन अग्रवाल ने सिर्फ एक कंपनी नहीं बनाई, बल्कि बीकानेर की भुजिया को विश्व स्तर पर पहचान भी दिलाई। शिवरतन अग्रवाल ने अपने परिवार के व्यवसाय से अलग होकर 1986 में शिवदीप फूड प्रोडक्ट्स की शुरुआत की थी। यह नाम उन्होंने अपने और अपने बेटे दीपक के नाम को मिलाकर रखा था। पहले शिवदीप फूड्स और फिर 1993 में बीकाजी ब्रांड की स्थापना की। आज बीकाजी देश-विदेश में एक बड़ा नाम है। बीकाजी की फैक्ट्रियों में रोजाना बड़े स्तर पर उत्पादन होता है और हजारों लोगों को रोजगार मिलता है।
Published on:
24 Apr 2026 03:04 pm
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