8 नवंबर 2026,

रविवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

सरकार की छूट के बाद प्रशासन की अनुमति का इंतजार, अब जल्द शुरू होंगे देवदर्शन

-लक्ष्मीनाथजी, करणीमाता मंदिर समेत प्रमुख मंदिरों का प्रबंधन गाइडलाइन की पालना की तैयारी में जुटा  
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

बीकानेर

•

image

Atul Acharya

•

Updated: 29 Jun 2021, 8:56 AM IST

सरकार की छूट के बाद प्रशासन की अनुमति का इंतजार, अब जल्द शुरू होंगे देवदर्शन

सरकार की छूट के बाद प्रशासन की अनुमति का इंतजार, अब जल्द शुरू होंगे देवदर्शन

बीकानेर. कोरोना महामारी को लेकर बंद चल रहे धार्मिक स्थलों को कोविड गाईडलाइन की पालना के साथ खोलने की छूट मिल चुकी है। अब क्षेत्र के प्रमुख बड़े मंदिरों को स्थानीय प्रशासन की अनुमति का इंतजार है। हालांकि सोमवार को शहर में कई मंदिरों ने दर्शनार्थियों का प्रवेश खोल दिया। सरकार से मंदिरों में प्रवेश की अनुमति दी जाने की सूचना पर बड़े मंदिरों पर श्रद्धालु पहुंचे, लेकिन देवदर्शन नहीं कराए जाने से निराश ही लौटना पड़ा।

मंदिर ट्रस्ट और समितियों से जुड़े लोगों का कहना है कि जिला प्रशासन के अधिकारियों के साथ बैठक कर मंदिर खोलने, दर्शन-पूजन की व्यवस्था और गाईडलाइन की पालना पर चर्चा करने के बाद ही दर्शनार्थियों के लिए खोले जाएंगे। विश्व प्रसिद्ध देशनोक करणीमाता मंदिर, बीकानेर के नगर सेठ लक्ष्मीनाथ मंदिर, नागणेचेजी मंदिर, रतन बिहारी मंदिर सहित कई बड़े मंदिरों में आमजन को प्रवेश देना शुरू नहीं किया है।

करवा रहे है व्यवस्था

गाइड लाइन की पालना करवाने की व्यवस्था कर रहे है। एक-दो दिन में व्यवस्था पूरी होने के बाद धार्मिक स्थल खुल जाएंगे। धार्मिक स्थलों को खोलने और उनकी व्यवस्था करने के लिए मंगलवार को मीटिंग रखी गयी है।
ओमप्रकाश पालीवाल, सहायक आयुक्त देवस्थान विभाग

मंदिर खुलने का इंतजार

सुबह-सुबह रोजाना लक्ष्मीनाथ जी के मंदिर आते है। सोमवार को भी इंतजार था कि मंदिर खुलेगा लेकिन आज भी मंदिर नहीं खुला। एेसे में मंदिर में प्रवेश कर दर्शन नहीं किए जा सके। उम्मीद है की जल्द से जल्द मंदिर खुलेगा और हम दर्शन कर सकेगें।
प्रेमरतन, दर्शनार्थी

प्रशासन के साथ बैठक आज

जिला प्रशासन की ओर से मंगलवार को एक बैठक रखी है। इसके बाद मंदिर खोलने को लेकर स्थिति स्पष्ट हो पाएगी। प्रशासन से अनुमति मिलती है तो गाइडलाइन की पालना करते हुए मंदिर दर्शनार्थियों के लिए खोला जाएगा। फिलहाल अभी दर्शनार्थियों ऑनलाइन और मंदिर के बाहर लगी स्क्रीन के माध्यम से दर्शन करवा रहे है।
गिरिराज सिंह बारठ, अध्यक्ष, श्री करणी मंदिर निजी प्रन्यास देशनोक