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तीन दिन में  55 गोधे पकड़े, अब दस दिन से गोधे पकडऩे का काम बंद

बेसहारा पशुओं की समस्या का नहीं हो रहा समाधान  

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तीन दिन में  55 गोधे पकड़े, अब दस दिन से गोधे पकडऩे का काम बंद

तीन दिन में  55 गोधे पकड़े, अब दस दिन से गोधे पकडऩे का काम बंद

बीकानेर. शहर में सडक़ों पर खुले में घूम रहे बेसहारा पशुओं की समस्या से आमजन परेशान है। बेसहारा पशुओं के कारण आए दिन हो रही दुर्घटनाओं के बाद भी जिला प्रशासन और निगम प्रशासन स्थायी समाधान नहीं कर पा रहा है। शहर में पिछले दस दिनों से गोधे पकडऩे का काम बंद पड़ा है। बताया जा रहा है कि संबंधित गोशाला ने और गोधे लेने से इंकार कर दिया है।

जबकि निगम की ओर से इसी माह एक फर्म से गोधे पकडक़र उनको गोशाला में पहुंचाने का अनुबंध किया गया। फर्म को 12 जुलाई को कार्यादेश दिया गया। फर्म ने 13 से 16 जुलाई तक 55 गोधे पकड़े और जयमलसर गोशाला में पहुंचाए भी। फर्म प्रोपराइटर पूनमचंद पुरोहित का कहना है कि गोशाला ने अब और गोधे लेने से इंकार कर दिया है, इसलिए पिछले दस दिन से गोधे पकडऩे का काम बंद है। फर्म का एक साल का अनुबंध है।

वहीं निगम उपायुक्त पंकज शर्मा का कहना है कि सडक़ों पर घूम रहे बेसहारा पशुओं को पकडक़र उन्हे गोशाला में डालने को लेकर निगम प्रयासरत है। प्रशासन स्तर पर जिले में स्थित गोशालाओं का सर्वे कर उनमें डाले जाने वाले पशुओं की क्षमता की रिपोर्ट तैयार हो रही है। जल्द गोशालाओं में बेसहारा पशु डाले जाएंगे।