
विद्यालयों में शनिवार को घोषित 'नो-बैग डे' को भूला शिक्षा विभाग
-चन्द्रप्रकाश ओझा
बीकानेर. स्कूली विद्यार्थियों के बस्ते का बोझ कम करने के लिए दो साल पहले शुरू की गई शिक्षा विभाग की कवायद अब ठंडे बस्ते में डाल दी गई है। राज्य सरकार की ओर से सप्ताह में एक दिन स्कूलों में 'नो बैग डेÓ की घोषणा भी नए शिक्षा सत्र के लिए कक्षा कालांशों के जारी कार्यक्रम से गायब है। जबकि पिछले साल इस घोषणा के बाद कोरोना के चलते स्कूल खुले नहीं। सत्र के अंत में कुछ दिन कुछ कक्षाएं स्कूलों में लगी लेकिन उसमें 'नो बैग डेÓ लागू नहीं हो पाया। अब नए शिक्षा सत्र में तो इसे पूरी तरह भूला ही दिया गया है।
राज्य सरकार ने पिछले वर्ष राज्य के स्कूलों में शनिवार को 'नो बैग डेÓ होने की घोषणा की। इस दिन विद्यार्थियों को सह शैक्षिक, खेलकूद, सामाजिक सरोकार वाली गतिविधियां कराना तय किया गया। विद्यार्थियों को शिक्षा के साथ-साथ सामाजिक गतिविधियों से जोडऩे के लिए हर शनिवार को बिना बस्ते स्कूल बुलाने का प्रावधान रखा गया। अब नए सत्र के लिए माध्यमिक शिक्षा बोर्ड और राजस्थान राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद उदयपुर की ओर से जारी कार्यक्रम में नो बैग डे गायब है।
शनिवार को भी शिक्षण कार्य
बोर्ड ने कक्षा 9 से 12वीं तक का सोमवार से शनिवार का कार्यक्रम घोषित किया है। इसमें शनिवार को भी कालांश शिक्षण का ही दिया गया है। इसी तरह कक्षा पहली से आठवीं तक में भी राजस्थान राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद उदयपुर ने शनिवार को शिक्षण गतिविधियों का कालांश कार्यक्रम जारी किया है। इसमें शनिवार को भी पाठ्य पुस्तक से पढ़ाया जाएगा।
पांच दिन का ही कार्यक्रम हो
सरकार की घोषणा अनुसार बोर्ड और एसआईई आरटी को सप्ताह में सोमवार से शुक्रवार पांच दिन ही कालांश भार जारी करना चाहिए था। छठे दिन शनिवार को विद्यार्थी सांस्कृतिक, सामाजिक, खेलकूद आदि सह शैक्षिक गतिविधियों में शामिल होते। जिससे सरकार की भावना के अनुरूप गतिविधियों में विद्यार्थी शामिल हो पाते।
Published on:
25 Jun 2021 07:22 pm
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