-स्टोरी बाय विनोद भोजक
बीकानेर. जिले में हर साल बड़ी संख्या में पर्यटक बीकानेर पहुंचते है। ऐसे तो पूरे वर्ष ही पर्यटक यहां आते है लेकिन सर्दी के मौसम इनकी संख्या में ओर बढ़ोतरी हो जाती है। इन दिन शहर में रायसर के धोरें पर्यटकों की पहली पसंद बन रहे है। यहां पर जैसलमेर के सम जैसे धोरों सा नजारा विकसित होने लगा है। शाम को सूर्यास्त होते ही सूर्य की लालिमा के साथ रेतीले धोरों पर कैमल सफारी का लुत्फ उठाने लोग पहुंचते हैं। नाइट कैम्प की रौनक भी यहां खूब दिखने लगी है। धोरों में स्थित डेजर्ट कैंप और आसपास स्थित फार्म हाउस व रेसोर्ट में पर्यटकों का रुकना इस क्षेत्र के प्रति पर्यटकों का बढ़ता आकर्षण दिखाता है।
यहां पर पर्यटक कैमल सफारी, जीप सफारी के साथ-साथ देशी खाने के लिए ज्यादा पसंद कर रहे हैं। साथ ही बीकानेर से स्थानीय परिवार भी इस नए पर्यटक स्थल का लुत्फ उठाने पहुंच रहे हैं।
शाम ढलने के साथ ही बढ़ने लगती है पर्यटकों की संख्या
शाम ढलने के साथ ही यहां पर बड़ी संख्या में पर्यटक पहुंचने शुरू हो जाते गए। यहां होने चलने वाले नाइट कैम्प ओर पार्टियों के लिए पहले से ही एडवांस बुकिंग रहती है ।
किराए में शामिल है कैमल सफारी
इनसे जुड़े लोगों की माने तो एक व्यक्ति के ठहरने का किराया दो से ढाई हजार रुपए तक है। इसमें कैमल व जीप सफारी, स्विस टैंट (लग्जरी कमरा), सांस्कृतिक कार्यक्रम के साथ देशी खाने का पैकेज दिया जाता है।