
किशन सोनी। रामस्वरूप सोनी। सचिन।
Bikaner Horrific Incident : बीकानेर के मदान मार्केट में हुए गैस सिलेंडर विस्फोट ने न केवल 9 जिंदगियां लील लीं, बल्कि दर्जनों परिवारों की खुशियों को भी राख कर दिया। जिन घरों में कभी शहनाइयां बजनी थीं, अब वहां मातम पसरा है। हादसे ने हर किसी को झकझोर दिया है। किसी का बेटा, किसी का भाई, किसी का पति चला गया।
देशनोक निवासी किशन सोनी, जिसकी मार्च में ही शादी हुई थी, हादसे का शिकार हो गया। हाथों की मेहंदी अभी छूटी भी नहीं थी कि किशन की पत्नी विधवा हो गई। किशन अपने भाई उत्तम के साथ मार्केट गया था। दोनों हादसे की चपेट में आ गए। उत्तम गंभीर हालत में जयपुर में भर्ती है। घर में लाडले किशन की मौत ने पूरे परिवार को तोड़ दिया। गुरुवार को जब किशन का शव घर पहुंचा, तो उसकी पत्नी और माता-पिता रो-रोकर बेसुध हो गए।
रामस्वरूप सोनी, सींथल गांव का रहने वाला, छह बहनों का इकलौता भाई था। हादसे के बाद घंटों तक उसका शव मलबे में दबा रहा। गुरुवार सुबह जब मलबा हटाकर शव निकाला गया, तो घर में कोहराम मच गया। बहनें भाई की सलामती की दुआ मांग रही थीं, लेकिन नियति ने उन्हें कभी न भरने वाला जम दे दिया। रामस्वरूप बीकानेर में रहकर परिवार की जिमेदारी उठा रहा था।
बागड़ी मोहल्ला निवासी सचिन, दो बहनों का इकलौता भाई और पूरे परिवार का दुलारा था। घर में उसकी सगाई की तैयारियां चल रही थीं। हादसे की खबर मिलते ही पिता गौरव सोनी भागे-भागे पहुंचे, लेकिन अस्पताल में बेटे का चेहरा देख उनका संसार उजड़ गया। सचिन पिछले चार वर्षों से काम कर रहा था और अब घर बसाने की दहलीज पर था।
इस हादसे ने यह साबित कर दिया कि चूक से सिर्फ इमारत नहीं गिरती, कई जिंदगियों को मलबे में तब्दील कर देती है। और शायद प्रशासन फिर भी सबक नहीं लेता।
Updated on:
09 May 2025 08:34 am
Published on:
09 May 2025 08:34 am
