१५ साल बाद भी शहीद स्मारक के लिए जगह का इंतजार

शहीद मेजर जेम्स थॉमस - शासन-प्रशासन चिह्नित नहीं कर पाए है शहीद के स्मारक के लिए स्थान

शहीद के परिवारजनों को वर्षो बाद भी स्मारक बनने का इंतजार

By: Vimal

Published: 28 Jan 2021, 06:53 PM IST

बीकानेर. वर्ष २००६ में जम्मू कश्मीर के पुंछ स्थित कृष्णा घाटी में बॉर्डर पार से आए आतंकवादियों को ढेर करने वाले और मुठभेड़ में गोली लगने के बाद भी अद य शौर्य का परिचय देने वाले भारतीय सेना के जाबांज शहीद मेजर जेम्स थॉमस की शहादत के १५ साल बाद भी स्मारक के लिए स्थान नहीं मिल पा रहा है। अद य शौर्य का परिचय देने के बाद मरणोपरांत कीर्ति चक्र से स मानित मेजर जेम्स थॉमस के परिवारजन ही नहीं जिला सैनिक कल्याण कार्यालय के अधिकारी, मित्रगण शहीद मेजर जे स थॉमस के स्मारक के लिए स्थान उपलब्ध करवाने के लिए आज भी प्रयासरत है। बीकानेर में जाये-जन्मे और पले बढ़े मेजर जेम्स थॉमस को अपने ही शहर में स्मारक के लिए वर्षो बाद भी स्थान चिह्नित नहीं हो पाना और स्मारक नहीं बन पाना शासन-प्रशासन की कार्यशैली और उदासीनता को बयां करते है।


स्थान चिह्नित नहीं

मेजर जेम्स थॉमस का बीकानेर शहर में स्मारक बनाने के लिए मेजर जेम्स थॉमस के परिवारजन वर्षो से नगर निगम, नगर विकास न्यास, जिला प्रशासन से लेकर राज्य सरकार स्तर तक स पर्क स्थापित कर चुके है। शहीद के स्मारक के लिए आज तक स्थान चिह्नित नहीं हो पाया है। जिला सैनिक कल्याण कार्यालय की ओर से भी संबंधित विभागों को पत्र लिखने के साथ व्यक्तिगत स पर्क भी किया गया है। वहीं शहीद मेजर जेम्स थॉमस के भाई राजू थॉमस के अनुसार नगर निगम, नगर विकास न्यास सहित राज्य सरकार को भी इस संबंध में पत्र लिखे गए, अब तक स्मारक के लिए स्थान चिह्नित नहीं हो पाया है। हालांकि स्थानीय स्तर पर एक कॉलोनी, एक स्कूल और एक सड़क का नाम मेजर जे स थॉमस के नाम पर किया हुआ है।


शहादत पर गर्व

मेजर जेम्स थॉमस की मां मैरी कुट्टी थॉमस को अपने पुत्र मेजर जे स थॉमस की शहादत और देश सेवा पर गर्व है। उनका कहना है जे स थॉमस भारत माता की सेवा करते-करते हुए शहीद हुआ है। उसकी शहादत पर गर्व है। इससे भी बड़ा गर्व यह है कि जेम्स थॉमस उसका पुत्र है। दिन में कई बार अपने शहीद पुत्र मेजर जेम्स थॉमस की तस्वीर को निहारते-निहारते मैरी कुट्टी थॉमस की आंखे भी अपने पुत्र के लिए छलक पड़ती है। शहीद मेजर जेम्स थॉमस की दोनो पुत्रिया शारलेट जे स थॉमस और शेरील जे स थॉमस कक्षा ९ और १० वी में पढ़ रही है। पहले मेजर जे स थॉमस और फिर मां नीता थॉमस को खोने के बाद शारलेट व शेरील दादी सहित परिवारजनों की प्रिय है।


३० वर्ष की आयु में शहीद

मेजर जेम्स थॉमस का जन्म ६ सित बर १९७६ को बीकानेर में हुआ। स्कूली शिक्षा बीबीएस स्कूल में और कॉलेज शिक्षा राजकीय डूंगर कॉलेज में हुई। उन्होंने १० सिख लाईट रेजिमेंट में बतौर सैन्य अधिकारी नियुक्त हुए। वर्ष २००६ में ऑपरेशन रक्षक के दौरान कृष्णा घाटी पुंछ ज मू कश्मीर में सीमा पार से आए आतंकवादियों को अपने साथियो के साथ ढेर किया। मेजर जेम्स थॉमस गोली लगने के बाद भी आतंकवादियों से लड़ते रहे व कई आतंकवादियों को ढेर किया । इस मुठभेड़ में मेजर जेम्स थॉमस भी शहीद हो गए। इस पर मरणोपरांत उनको अद य शौर्य और वीरता के लिए कीर्ति चक्र से स मानित किया गया। उनकी पत्नी नीता थॉमस, मां मैरी कुट्टी थॉमस और परिवारजनों को राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति ने अपने हाथों से कीर्ति चक्र स मान प्रदान किया।

अद य शौर्य और वीरता पर मिलता है कीर्ति चक्र

भारतीय सेना में युद्ध के दौरान और शांति के दौरान अद य शौर्य, वीरता के लिए सरकार की ओर से पुरस्कार प्रदान किए जाते है। प्रथम सिख लाईट रेजिमेंट से सेवानिवृत्त कर्नल राजेन्द्र सिंह बीका के अनुसार युद्धकाल में अद य शौर्य और वीरता के लिए परमवीर चक्र, महावीर चक्र, वीर चक्र आदि से सैनिकों को स मानित किया जाता है। इसी प्रकार शांति के दौरान अद य शौर्य और वीरता के लिए अशोक चक्र, कीर्ति चक्र, शौर्य चक्र सहित सेना मेडल से स मानित किया जाता है। कर्नल बीका के अनुसार मेजर जेम्स थॉमस ने पूंछ क्षेत्र में आंतकवादियों को ढेर किया और मुठभेड़ में गोली लगने के बाद भी अद य शौर्य का परिचय दिया, जिसके फलस्वरूप उनको कीर्ति चक्र से स मानित किया गया।


स्मारक के लिए स्थान हो चिह्नित

मेजर जेम्स थॉमस के परिवार से पीढ़ी दर पीढ़ी जुड़े महेन्द्र सिंह शेखावत (मेघसर) के अनुसार मेजर जे स थॉमस के स्मारक के लिए जिला प्रशासन और राज्य सरकार जल्द स्थान चिह्नित करें और भव्य स्मारक का निर्माण कर बीकानेर के लाडले सपूत की याद में यादगार स्मारक का निर्माण करें।


परिवार का सेना से जुड़ाव

मेजर जेम्स थॉमस का परिवार पीढ़ी दर पीढ़ी सेना से जुड़ा रहा है। मेजर जेम्स थॉमस के परिवार से जुड़े महेन्द्र सिंह शेखावत बताते है कि रियासतकाल में मेजर जे स थॉमस के पिता पी टी थॉमस महाराजा गंगा सिंह की गंगा रिसाला में हैड क्लर्क रहे व सेना से जुड़े रहे। मेजर जे म थॉमस के भाई जॉनी थॉमस भारतीय सेना में कर्नल के पद पर तैनात है। एक भाई राजू थॉमस पीबीएम कैंसर विभाग में रेडियो थैरेपिस्ट अनुभाग में कार्यरत है।

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