डीएलबी निदेशक की ओर से कार्यवाहक स्वच्छता प्रभारी लगाने को अवैधानिक बताने के बाद निगम महापौर ने निदेशक को पत्र लिखकर आदेश को तत्काल निरस्त करने के लिए कहा था। पत्र में महापौर ने कार्यवाहक स्वच्छता प्रभारियों के वर्ष २०१८ भर्ती के नहीं होने, सफाई पर्यवेक्षण का कार्य देखने, उच्च पद का कोई आर्थिक लाभ नहीं देने, पर्याप्त कर्मचारी नहीं होने सहित कई कारण बताए थे, लेकिन डीएलबी ने निगम आयुक्त के आदेश और महापौर के पत्र को नहीं मानते हुए अपने आदेश को यथावत रखा है।