नोखा उप कारागार से फरार चार बंदी गिरफ्तार

दो को पंजाब और एक बीकानेर से दबोचा
हनुमानगढ़ पुलिस व डीएसटी को मिली सफलता

By: Jaiprakash

Published: 24 Apr 2021, 08:41 PM IST

बीकानेर। नोखा उप कारागार से रस्सी के सहारे दीवार फांद कर भागे पांच बंदियों में से चार बंदियों को पकड़ लिया है। दो बंदियों को पंजाब व को को जसरासर थाना क्षेत्र के कुचौर गांव में दबोचा। फरारी के ६३ घंटे बाद बंदी पुलिस के हत्थे चढ़े हैं। हनुमानगढ़ व बीकानेर पुलिस के संयुक्त प्रयासों से यह सफलता मिली है।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ग्रामीण सुनील कुमार ने बताया कि बंदी हनुमानगढ़ के नवां गांव निवासी सलीम पुत्र गुलाम कादर खान एवं पीलीबंगा के वार्ड नंबर २२ निवासी सुरेश कुमार पुत्र रमेश कुमार ओड को हनुमानगढ़ के संगरिया एसएचओ विजयकुमार मीणा, डीएसटी के हैडकांस्टेबल शाह रसूल, कांस्टेबल अमित, सुरेन्द्र कुमार, नरेन्द्र कुमार की टीम ने पंजाब से पकड़ा। दोनों बंदी नोखा उप कारागार से भागने के बाद फरीदकोट के गोविंदगढ़ खना गांव में आकर छिप गए थे। बीकानेर पुलिस बंदियों के पीछे लगी हुई थी। बंदियों की लोकेशन के बारे में पता चलने पर हनुमानगढ़ पुलिस के साथ समन्वय स्थापित कर बंदियों को पकड़ा। इन बंदियों को पकडऩे में हनुमानगढ़ डीएसटी की मुख्य भूमिका रही। हनुमानगढ़ पुलिस दोनों बंदियों को पकड़ कर संगरिया ले आई, वहां से बीकानेर के कालू थाना एसएचओ जयकुमार व उनकी टीम दोनों को बीकानेर लेकर आई। वहीं एक अन्य बंदी पंजाब के सदलपुर निवासी अनिल पंडि़त पुत्र राजाराम एवं मंदीप को बीकानेर के जसरासर थाने के कुचौर गांव से पकड़ा।


कुचौर में चार घंटे की मशक्कत से पकड़ा
एएसपी ग्रामीण ने बताया कि नोखा उप कारागार से फरार बंदी पंजाब के सदलपुर निवासी अनिल पंडि़त पुत्र राजाराम के कुचौर में छिपे होने की सूचना मिली। नोखा सीओ नेमसिंह चौहान ने नेतृत्व में पुलिस टीम ने वहां सर्च अभियान चलाया। करीब चार घंटे की मशक्कत के बाद आरोपी अनिल पकड़ा गया। वहीं दो और बंदी रतिराम व मंदीपसिंह के भी कुचौर में छिपे होने की सूचना है। पुलिस टीमें वहां तलाश में जुटी हुई है।


रातभर नोखा में रेल लाइन के पास छिपे रहे, सुबह ट्रक से पहुंचे पंजाब
हनुमानगढ़ डीएसटी के हैडकांस्टेबल शाह रसूल ने बताया कि नोखा उप कारागार से भागने के बाद बंदी सलीम खान एवं सुरेश कुमार रातभर नोखा में रेल पटरियों के पास छिपे रहे। बाद में सुबह भोर में ट्रक में सवार होकर पंजाब आ गए। यहां से गोविंदगढ़ खना गांव सलीम खान अपने दोस्त के यहां पहुंचा। दोनों ने घरवालों व दोस्त को बताया नहीं कि वह जेल तोड़कर भागे हुए हैं। दोनों बंदियों के गोविंदगढ़ खना में होने की सूचना मिलने पर पूरी तैयारी के साथ दबिश दी गई। दोनों को घर से पकड़ा गया। बाद में संगरिया लाए। बीकानेर कालू थाना एसएचओ जयकुमार के संगरिया पहुंचने पर दोनों बंदियों को उनके सुपुर्द कर दिया गया।


आईजी व डीआईजी कर रहे जांच
पांच बंदियों के जेल को तोड़कर भागने की घटना की जांच आईजी जेल जयपुर विक्रमङ्क्षसह एवं जोधपुर जेल डीआईजी सुरेन्द्रङ्क्षसह शेखावत कर रहे हैं। जांच में प्रथमदृष्टया जेल प्रशासन की लापरवाही सामने आ रही है। बयान व बैरकों व घटना स्थल का मौका मुआयना किया है।


यह है मामला
नोखा उप कारागार से मंगलवार रात करीब ढाई बजे पांच बंदी जेल की बैरक की खिड़की तोड़कर बाहर निकले और बाद में कम्बल से रस्सी बनाकर जेल की दीवार फांदकर भाग गए। बंदियों के भागने की सूचना के बाद जेल महानिदेशक राजीव दासोत बीकानेर आए। जेल महानिदेशक ने मामले में जेल प्रशासन की लापरवाही मानते हुए डिप्टी जेलर सुरेश कुमार, मु,अल459ख्य प्रहरी कानाराम, प्रहरी गोमाराम को तुरंत प्रभाव से निलंबित कर दिया।

Jaiprakash Reporting
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