
जलवायु परिवर्तन एवं अनुकूलन पर दिया प्रशिक्षण
बीकानेर. सोशियो-लीगल लिंक सेन्टर, हयूमन राईट लॉ नेटवर्क, सीसीआरआइ तथा इफसार संस्थान के संयुक्त तत्वावधान में पंचायत समिति सभागार में रविवार को एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
कार्यशाला में राजकीय अभियांत्रिक महाविद्यालय के विभागाध्यक्ष रसायन शास्त्र डॉ. प्रणीण पुरोहित ने कहा कि प्रकृति के साथ मानव की घोर लापरवाही, स्वार्थपरता एवं तात्कालिक लाभ के लिए भविष्य को दांव पर लगाकर प्रकृति से की जाने वाली छेड़छाड़ से ही डेंगू, कोरोना तथा श्वांस संबंधी बीमारियां फैल रही हैं। ये जलवायु परिवर्तन के नकारात्मक प्रभाव का परिणाम है।
बार-बार तेल का उपयोग खतरनाक
विषय विशेषज्ञ डॉ. नरेन्द्र भोजक, एसोसिएट प्रोफेसर, रसायन शास्त्र, राजकीय डूंगर कॉलेज ने अपने सम्बोधन में प्लास्टिक, ड्रग, मद्य, गुटका, सिगरेट आदि की तुलनात्मक रूप से बताते हुए कचौरी जैसे खाद्य पदार्थ में प्रयुक्त होने वाले तेल के बार-बार उपयोग को स्वास्थ्य के लिए खतरनाक बताया। प्लास्टिक जैसे अपशिष्ट को रिसाईकिल कर अन्य उपयोगी सामग्री के रूप में उपयोग लेने के लिए व्यवहारिक प्रक्रिया की जानकारी दी।
प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण की अपील
एचआरएलएन के रमेश भटनागर ने प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के प्रति जागरूक होने का आह्वान किया। किसी प्रकरण में अपेक्षित कानूनी मदद प्रदान करने का आश्वासन दिया। प्रतिभागियों में जनप्रतिनिधि, किसान, पशुपालक, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, पैरा लीगल वालंटियर तथा गैर सरकारी संगठनों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। इफसार के निदेशक एवं संयोजक पुष्कर राज ने प्रशिक्षण के उद्देश्य की जानकारी दी। अन्त में मनोज कुमार ने प्रतिभागियों का आभार जताया।
Published on:
22 Nov 2021 08:49 pm
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