4 फ़रवरी 2026,

बुधवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

मेरी आन, बान और शान : अंगुलियों से लेकर माथे पर सजी सतरंगी पगड़ी

मेरी आन, बान और शान : अंगुलियों से लेकर माथे पर सजी सतरंगी पगड़ी

less than 1 minute read
Google source verification
मेरी आन, बान और शान : अंगुलियों से लेकर माथे पर सजी सतरंगी पगड़ी

राजस्थान दिवस की पूर्व संध्या पर पगड़ी कलाकार पवन व्यास ने राजस्थान की पगड़ी कला का अनूठा प्रदर्शन किया। उन्होंने प्रदेश के विभिन्न अंचलों में पहनी जाने वाली विभिन्न तरह की पगडि़यों को छोटे रूप में तैयार किया।

मेरी आन, बान और शान : अंगुलियों से लेकर माथे पर सजी सतरंगी पगड़ी

इन छोटी-छोटी पगडिय़ों को हाथों की अंगुलियों पर सजा कर प्रदर्शित किया तो सभी देखते ही रह गए। इसमें मुख्य रूप से लाल चूनड़ी, दूल्हा साफा, गोल पगड़ी, बटदार, खिड़किया, लहरिया, लाल केसरिया बीकानेरी साफा और सफेद चूनड़ी पगड़ी शामिल थी।

मेरी आन, बान और शान : अंगुलियों से लेकर माथे पर सजी सतरंगी पगड़ी

वहीं बीकानेर की एमएस कॉलेज की छात्राओं को एनएसएस शिविर के तहत बुधवार को पगड़ी बांधना सिखाया गया। इस दौरान छात्राओं ने एक-दूसरे को पगड़ी पहना खूब सेल्फी ली।