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अब डेढ़ सौ किलोमीटर दूर से बॉर्डर की निगेहबान है तीसरी आंख

पश्चिम सीमा पर बीकानेर पहला सेक्टर, जहां से कैमरों की मदद से निगरानी बीकानेर से बॉर्डर तक फाइबर केबल बिछाने का काम पूरा - बीएसएफ के बीकानेर सेक्टर मुख्यालय में अधिकारी लाइव देख सकेंगे हालात

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अब डेढ़ सौ किलोमीटर दूर से बॉर्डर की निगेहबान है तीसरी आंख

अब डेढ़ सौ किलोमीटर दूर से बॉर्डर की निगेहबान है तीसरी आंख

दिनेश कुमार स्वामी

बीकानेर. पाकिस्तान से लगती प्रदेश की पश्चिम सीमा पर तकनीक से निगरानी तंत्र विकसित किया गया है। भारत-पाक अंतरराष्ट्रीय बॉर्डर पर तैनात सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के बीकानेर सेक्टर में कैमरे लगाए गए हैं। साथ ही फाइबर केबल बिछाकर इन कैमरों को बीएसएफ के सेक्टर मुख्यालय बीकानेर को जोड़ा गया है। इसकी मदद से बीकानेर बैठे बीएसएफ के अधिकारी अंतरराष्ट्रीय बॉर्डर की तारबंदी के आस-पास कैमरों की मदद से लाइव नजारा देख सकेंगे। जवानों के गश्त की मॉनिटरिंग के साथ सीमा पर से नापाक हरकत पर भी बॉर्डर पर तैनात जवानों के साथ तीसरी आंख का पहरा शुरू हो जाएगा।

लाइव निगरानी की यह व्यवस्था प्रदेश में सबसे पहले बीकानेर में शुरू हो रही है। प्रदेश से 1037 किलोमीटर लम्बा अंतरराष्ट्रीय बॉर्डर है, जो पाकिस्तान से सटा है। अभी बॉर्डर पर तारबंदी है और सीमा सुरक्षा बल के जवान दिन-रात पहरा देते हैं। सीमा चौकियों और वॉच टॉवर के माध्यम से पाकिस्तान की तरफ से होने वाली हर हरकत पर नजर रखी जा रही है। केन्द्र सरकार ने चार साल पहले इजराइल की हाइटेक प्रणाली से भारत-पाक सीमा पर निगरानी विकसित करने की घोषणा की थी। इसके तहत सीमा पर संवेदनशील स्थानों पर कैमरे लगाए गए हैं। बीएसएफ की महत्वाकांक्षी परियोजना "व्यापक समेकित सीमा प्रबंधन प्रणाली" लागू की गई है। इसमें लेजर तकनीक से भी बॉर्डर की निगरानी करना शामिल है। इसी के तहत बीएसएफ के बीकानेर सेक्टर की 153 किलाेमीटर लम्बी सीमा में कैमरों की मदद से सीमा चौकियों में सीसीटीवी नियंत्रण कक्ष तैयार हो चुके हैं।

बीएसएनएल से सर्किट जुड़ते ही...

बॉर्डर पर लगे कैमरों से अभी केवल सीमा चौकियों में बैठकर अधिकारी निगरानी रख पाते हैं। बीएसएनएल ने बीकानेर सेक्टर में बॉर्डर से बीकानेर तक फाइबर केबल बिछा दी है। केवल बीएसएनएल के सर्किट से इसे जोड़ने का काम शेष है। इसके बाद बॉर्डर से डेढ़ सौ किलोमीटर दूर बीकानेर में बीएसएफ मुख्यालय पर बैठकर अधिकारी हाईस्पीड इंटरनेट की मदद से लाइव नजर रख पाएंगे।

निगरानी तंत्र और मजबूत होगा

बॉर्डर पर लगे कैमरों की मदद से अब सेक्टर मुख्यालय से सीधी नजर रखी जा सकेगी। बीकानेर सेक्टर ऐसा पहला सेक्टर बनने जा रहा है, जहां इस तरह की हाइटेक व्यवस्था रहेगी। इससे सीमा का निगरानी तंत्र और मजबूत होगा। जल्द ही यह शुरू हो जाएगा।

-पुष्पेन्द्र सिंह राठौड़, डीआइजी बीएसएफ बीकानेर