पीबीएम अस्पताल से स्वास्थ्य विभाग में रोगियों की रिपोर्ट भेजने के बाद विभाग ने टीमों को घर-घर भेजना शुरू कर दिया है। ताकि मलेरिया तथा डेंगू की तरह फैलने से पहले ही इस पर नियंत्रण पाया जा सके।
कई दिनों पहले मलेरिया से परेशान लोगों को अब चिकनगुनिया ने जकड़ना शुरू कर दिया है। पीबीएम अस्पताल में भी इस प्रकार के रोगी आने शुरू हो गए हैं। पीबीएम अस्पताल से स्वास्थ्य विभाग में रोगियों की रिपोर्ट भेजने के बाद विभाग ने टीमों को घर-घर भेजना शुरू कर दिया है। ताकि मलेरिया तथा डेंगू की तरह फैलने से पहले ही इस पर नियंत्रण पाया जा सके। गौरतलब है कि मौसम में आ रहे बदलाव के कारण सर्दी-जुकाम एवं बुखार रोगियों की मरीजों की संख्या बढ़ी हुई थी। अब इन रोगियों के साथ-साथ चिकनगुनिया के रोगी भी सामने आने लगे हैं। इसे देखते हुए चिकित्सकों ने भी सतर्कता बरतनी शुरू कर दी है। हालांकि, संतोष की बात यह है कि इस समय मलेरिया रोगियों का आना कम हो गया है। फिर भी चिकित्सक डेंगू एवं चिकनगुनिया की दवा के साथ-साथ मलेरिया की रोकथाम की दवा लेने की भी सलाह दे रहे हैं।
प्रतिदिन 40 रोगियों में चिकनगुनिया की शिकायत
पीबीएम अस्पताल के मेडिसिन विभाग के आउटडोर में इस समय पांच सौ मरीजों का प्रतिदिन पंजीकरण होता है। इसमें से करीब 40 मरीजों में चिकनगुनिया की शिकायत आ रही है। गत माह इस विभाग के आउटडोर में करीब एक हजार मरीजों का आउटडोर होता था, जिसमें से मलेरिया एवं डेंगू के मरीज ज्यादा आते थे। लेकिन इस समय पांच सौ मरीजों का पंजीकरण हो रहा है। ऐसे में चिकित्सक मान रहे हैं कि मलेरिया रोगियों की संख्या कम होने लगी है।
पांच मरीजों को भर्ती करने की नौबत
पीबीएम अस्पताल में चिकनगुनिया के औसतन पांच रोगियों को भर्ती करना पड़ रहा है। उन्हें दो-तीन दिन भर्ती रखकर डिस्चार्ज किया जाता है। इस समय गोपेश्वर बस्ती क्षेत्र में चिकनगुनिया के रोगी सामने आए हैं। इसे देखते हुए चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की टीमें दो दिन से इसी क्षेत्र में सर्वे कर रही हैं और लोगों को बीमारियों की रोकथाम के लिए समझाने का काम कर रही हैं।
एक्सपर्ट व्यू
मौसम में बदलाव का समय है। कई घरों में कूलर-पंखे और एसी कभी-कभी बंद हो रहे हैं, तो कभी चलने लगते हैं। मौसम की सर्दी-गर्मी के इस दौर में सर्दी-जुखाम और बुखार के मरीजों का आना आम बात है। लेकिन चिंता की बात तब होती है, जब इनमें से लगभग सात-आठ फीसदी लोग जोड़ों में दर्द और चलने-फिरने में भी दिक्कत की शिकायत करने लगते हैं। अस्पतालों में पहुंचने वाले मरीजों में अब ऐसे मरीज आने लगे हैं, जिन्हें लाक्षणिक तौर पर चिकनगुनिया की शिकायत रहती है। इस रोग में पहले बुखार आता है और ठंड लगनी शुरू हो जाती है। साथ ही जोड़ों में दर्द की शिकायत रहती है और शरीर में अकड़न रहती है। अगर समय पर चिकनगुनिया का इलाज शुरू नहीं होता है, तो गठिया होने की आशंका रहती है। इसलिए अगर जोड़ों में दर्द की शिकायत रहती है, तो चिकित्सक को तुरंत दिखाना चाहिए।
- डॉ. सुरेन्द्र कुमार वर्मा, वरिष्ठ चिकित्सक औषधि विभाग, पीबीएम अस्पताल