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Crop Insurance Scam: फर्जी दस्तावेज से उठा चुके लाखों का फसल बीमा क्लेम

एक साथ एक ही काश्तकार के नाम से 800 बीघा कृषि भूमि का बीमा होने पर बीमा कंपनी के अधिकारियों को संदेह हो गया। उन्होंने इस कृषि भूमि में पहुंचकर जांच पड़ताल शुरू की।

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Crop Insurance Scam: फर्जी दस्तावेज से उठा चुके लाखों का फसल बीमा क्लेम

Crop Insurance Scam: फर्जी दस्तावेज से उठा चुके लाखों का फसल बीमा क्लेम

महाजन. प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना खरीफ-2022 में फर्जी दस्तावेज लगाकर बीमा कराने व लाखों रुपए का बीमा क्लेम उठाने के मामले का भंडाफोड़ हुआ है। एक ही कृषि भूमि का फर्जी ठेकानामा तैयार कर रामबाग सहित क्षेत्र के कुछ शातिर लोगों ने बड़ी क्लेम राशि उठाई है। अब मामला उजागर होने के बाद पूरे क्षेत्र में हड़कंप मचा है। बीमा कंपनी भी मुकदमा दर्ज करवाने व फर्जी तरीके से उठाए क्लेम को वापस वसूलने की तैयारी में है।जानकारी अनुसार इस वर्ष 1 जुलाई से 1 अगस्त तक प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत खरीफ फसल का बीमा किसानों ने सीएससी के माध्यम से करवाया।

यह है मामला

रामबाग के एक व्यक्ति ने अर्जुनसर पटवार हलके के चक भंवरिया में स्थित 800 बीघा कृषि भूमि का ठेका नामा दिखाकर अपने नाम से बीमा काट दिया। प्रीमियम राशि बीमा कंपनी को ऑनलाइन जमा करवा दी। एक साथ एक ही काश्तकार के नाम से 800 बीघा कृषि भूमि का बीमा होने पर बीमा कंपनी के अधिकारियों को संदेह हो गया। उन्होंने इस कृषि भूमि में पहुंचकर जांच पड़ताल शुरू की। मौके पर काश्त करने वाले किसान पृथ्वीराज से पूछताछ की, तो उसने बीमा नहीं करवाया होने की बात कही। तब मामले का भंडाफोड़ हो गया।

पीछे का खंगाला, तो और खुलासा

रामबाग के भरत नाथ के नाम से इस 800 बीघा भूमि का ठेकानामा सामने आया है, जिसकी जांच की जा रही है। यह संदेह होने पर वर्ष 2021 में हुए बीमा फाइलों को खंगाला, तो और खुलासे हो गए। वर्ष 2021 में रामबाग के कई लोगों के इसी तरह बीमा करवा कर अपने व परिवार के सदस्यों के नाम से बीमा कराया होने और बाद में बीमा कंपनी से लाखों रुपए का क्लेम वसूलना पाया गया।

दिल्ली-मुम्बई में बसे लोगों के नाम निकले स्टाम्प

पड़ताल में यह भी चौकाने वाला खुलासा हुआ है कि पूगल तहसील सहित अन्य कई तहसीलों में दिल्ली व मुम्बई जैसे महानगरों में निवास करने वाले भूमि मालिकों के नाम से फर्जी स्टॉप खरीदकर बीमा कराने और क्लेम उठाने के मामले भी सामने आए हैं। इस फर्जीवाड़ा की बीमा कंपनी ने जांच शुरू कर दी है। साथ ही क्लेम राशि का भुगतान भी रोक दिया गया है। अभी तक 1100 बीघा भूमि पर फसल बोना दिखाकर बीमा के माध्यम से फर्जीवाड़ा किए होने के मामले सामने आ चुके हैं।

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