
शिक्षा विभाग
राजस्थान शिक्षा विभाग ने प्रारंभिक और माध्यमिक शिक्षा में कार्यरत सभी शिक्षकों एवं कार्मिकों के सेवा रिकॉर्ड को पूरी तरह प्रमाणिक बनाने की कवायद शुरू कर दी है। अब शाला दर्पण पोर्टल पर दर्ज प्रत्येक शिक्षक और कार्मिक की जानकारी का दो चरणों में सत्यापन अनिवार्य होगा। पहले संबंधित कार्मिक स्वयं अपने विवरण की पुष्टि कर उसे लॉक करेंगे, इसके बाद अधिकारी सेवा पुस्तिका से मिलान कर अंतिम सत्यापन करेंगे। शिक्षा विभाग के निर्देशानुसार सभी शिक्षक और कार्मिक शाला दर्पण पोर्टल के स्टाफ लॉगिन में उपलब्ध स्टाफ प्रोफाइल (प्रपत्र-10) में दर्ज सूचनाओं का सेवा पुस्तिका एवं व्यक्तिगत पत्रावली के आधार पर सत्यापन करेंगे। सभी कार्मिकों को 10 जुलाई तक अपनी प्रोफाइल सत्यापित कर लॉक करनी होगी। इसके बाद प्रारंभिक शिक्षा के शिक्षकों एवं कार्मिकों का सत्यापन संबंधित पीईईओ/यूसीईओ तथा माध्यमिक शिक्षा के कार्मिकों का सत्यापन संबंधित संस्था प्रधान अपने लॉगिन से 15 जुलाई तक करेंगे।
इन 15 बिंदुओं की होगी जांच
सत्यापन के दौरान कार्मिकों की प्रमुख जानकारियों का मिलान किया जाएगा। इनमें व्यक्तिगत विवरण, शैक्षणिक योग्यता, प्रशैक्षणिक योग्यता, सेवा एवं पदोन्नति विवरण, पारिवारिक जानकारी, बैंक संबंधी विवरण, प्रशिक्षण रिकॉर्ड, विभागीय जांच/कारण बताओ नोटिस, सेवा से जुड़ी महत्वपूर्ण तिथियां, विद्यार्थी परीक्षा परिणाम, शारीरिक शिक्षा संबंधी जानकारी, महात्मा गांधी स्कूलों में कार्यरत संविदा कार्मिकों का विवरण तथा अन्य निर्धारित सूचनाएं शामिल हैं।
सत्यापित प्रति सेवा पुस्तिका में होगी संलग्न
अंतिम सत्यापन के बाद प्रपत्र-10 की प्रमाणित प्रति का प्रिंट निकालकर उस पर संबंधित कार्मिक और संस्था प्रधान के हस्ताक्षर किए जाएंगे। इसके बाद इसे मूल व्यक्तिगत पत्रावली (सर्विस रिकॉर्ड) में संलग्न किया जाएगा। सत्यापन करने वाले अधिकारी को अपना नाम और तारीख भी अंकित करनी होगी। विभाग ने स्पष्ट किया है कि एक बार जानकारी लॉक होने के बाद पोर्टल पर सीधे संशोधन संभव नहीं होगा। यदि भविष्य में किसी सूचना में बदलाव आवश्यक होता है, तो संबंधित संस्था प्रधान या ब्लॉक कार्यालयाध्यक्ष के माध्यम से आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने के बाद ही संशोधन किया जा सकेगा।
Updated on:
03 Jul 2026 06:14 pm
Published on:
03 Jul 2026 06:14 pm
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