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चिकित्सकों ने दिया नया जीवनदान, गर्दन की टूटी हड्डी को स्क्रू से जोड़ा

25 वर्षीय युवक की गर्दन की टूटी हड्डी को जोड़ कर पीबीएम के चिकित्सकों ने नया जीवनदान दिया है।

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Neck bone

गर्दन की टूटी हड्डी

बीकानेर . 25 वर्षीय युवक की गर्दन की टूटी हड्डी को जोड़ कर पीबीएम के चिकित्सकों ने नया जीवनदान दिया है। यह कारनामा पीबीएम अस्पताल के न्यूरोसर्जरी विभाग के चिकित्सकों ने किया है। चिकित्सकों का दावा है कि जटिल ऑपरेशन बीकानेर में पहली बार किया गया है।

हनुमानगढ़ निवासी 25 वर्षीय रामू का 25 दिन पूर्व एक्सीडेंट हो गया था। उसने हनुमानगढ़ में कई चिकित्सकों को दिखाया लेकिन राहत नहीं मिली। एक्स-रे में गले की हड्डी का फ्रेक्चर पाया गया। हनुमागढ़ के चिकित्सकों ने रामू को बीकानेर के पीबीएम अस्पताल रेफर कर दिया।

14 दिन पूर्व मरीज को उसके परिजन पीबीएम के न्यरोसर्जरी विभाग में लेकर पहुंचे। यहां चिकित्सकों ने सभी जरूरी जांचें कराई। सीटी स्केन व एमआरआई कराई गई, जिसमें मरीज की गर्दन की दो नंबर हड्डी में फ्रेक्चर आया। न्यूरोसर्जन डॉ. कपिल पारीक ने बताया कि मरीज के ओडन्टोइड स्क्रू लगाने का निर्णय लिया गया।

इस पर सात दिन पहले मरीज का ऑपरेशन किया। ऑपरेशन चार घंटे चला। मरीज का समय रहते इलाज नहीं किया जाता तो यह हड्डी फिर कभी नहीं जुड़ती। ऑपरेशन खाने व श्वांस की नली तथा खून की बड़ी नसों के बीच से किया गया। स्कू्र डालते समय थोड़ी-सी चूक से मरीज की जान तक जा सकती थी।

यह थी टीम
डॉ. दिनेश सोढ़ी के मार्गदर्शन में डॉ. सुशील आचार्य, डॉ. कपिल पारीक, एनेस्थिया की डॉ. साधना जैन, डॉ. संगीता सेठिया, डॉ. सरोज एवं नर्सिंगकर्मी विष्णु व अनिता शामिल थे।

क्या है ओडन्टोइड
डॉ. कपिल पारीक के मुताबिक गर्दन की दूसरे नंबर की हड्डी को ओडन्टोइड (गर्दन की हड्डी) कहते हैं। यह हड्डी धुरी का काम करती है। सिर को दायें-बायें व ऊपर-नीचे करने में सक्रिय भूमिका निभाती है।

छोड़ चुका था उम्मीद
सड़क हादसे में गर्दन की हड्डी टूटने से शरीर में ताकत खत्म-सी हो गई। असहनीय दर्द होता था। खाना व पानी निगलने में दिक्कत हो रही थी। मैं ठीक होने की उम्मीद छोड़ चुका था। अब सात दिन पहले ऑपरेशन कराने के बाद आराम है। शरीर में फिर से ताकत आ रही है। अब 50 फीसदी स्वस्थ हूं।
रामू, मरीज

रामू की गर्दन की दो नंबर हड्डी में फ्रे क्चर हो गया, जिसे अनडिसप्लेस्ड ओडन्टोइड फ्रेक्चर कहते हैं। ऑपरेशन कर ओडन्टोइड स्क्रू फिक्स किया गया है। अब मरीज को सामान्य होने में करीब छह माह लगेंगे। इस तरह का बीकानेर में पहला ऑपरेशन किया गया है।
डॉ. सुशील आचार्य, एसोसिएट प्रोफेसर न्यूरो सर्जरी विभाग