
Bikaner: हादसमें बुरी तरह क्षतिग्रस्त कार (फोटो-पत्रिका)
बीकानेर। बीकानेर जिले के श्रीडूंगरगढ़ क्षेत्र में हुए दर्दनाक सड़क हादसे में घायल बच्ची ने भी मंगलवार सुबह उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। भीषण सड़क हादसे में अब तक हरियाणा के एक ही परिवार के सात लोगों की मौत हो चुकी है। हादसा राष्ट्रीय राजमार्ग-11 पर हेमासर फांटे के पास सिजराल होटल के निकट सोमवार दोपहर करीब दो बजे हुआ, जहां एक कार और डंपर की आमने-सामने जोरदार भिड़ंत हो गई।
टक्कर इतनी भीषण थी कि कार के परखच्चे उड़ गए और उसमें सवार लोग अंदर ही फंस गए। सूचना मिलने पर एपीजे अब्दुल कलाम एंबुलेंस सेवा की टीम मौके पर पहुंची और स्थानीय लोगों व पुलिस की सहायता से घायलों तथा शवों को बाहर निकाला। मृतकों के शवों को श्रीडूंगरगढ़ उप जिला अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया गया।
श्रीडूंगरगढ़ सीओ निकेत पारीक के अनुसार, हरियाणा नंबर की कार में कुल सात लोग सवार थे। सभी लोग हरियाणा के फतेहाबाद जिले के निवासी थे और एक ही परिवार से संबंध रखते थे। परिवार के सदस्य बीकानेर जिले के मुकाम स्थित बिश्नोई समाज के आराध्य गुरु जम्भेश्वर भगवान के समाधि स्थल के दर्शन कर वापस लौट रहे थे, तभी रास्ते में यह हादसा हो गया।
इस दुर्घटना में तीन पुरुष, एक महिला, एक बालिका और एक बच्चे की मौत हो गई। प्रारंभिक जानकारी में पांच लोगों की मौके पर मौत की पुष्टि हुई थी, जबकि गंभीर हालत में अस्पताल पहुंचाए गए एक बच्चे ने भी उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। हादसे में घायल एक अन्य 2 वर्षीय मासूम बच्ची को प्राथमिक उपचार के बाद एपीजे अब्दुल कलाम एंबुलेंस से बीकानेर ट्रॉमा सेंटर रेफर किया गया, जहां उपचार के दौरान मंगलवार को उसकी मौत हो गई।
पुलिस की तरफ से मिली जानकारी के मुताबिक, कार में कुल 7 लोग सवार थे। हादसे में कार चला रहे हरियाणा के फतेहाबाद के मताना गांव निवासी ओमप्रकाश विश्नोई (50), उनकी पत्नी सोरमा देवी (45), बेटी प्रमीला (3), रोनित पुत्र सुरेन्द्र (11), यशवी पुत्री अमित (10), खुशी पुत्री संदीप सुथार बिश्नोई (6), तनवी पुत्री संदीप (2) की मौत हो गई।
आमने-सामने हुई भिड़ंत में कार के परखच्चे उड़ गए। धमाके की आवाज सुन आसपास के लोग मौके पर पहुंचे। सूचना पर पुलिस भी मौके पर पहुंची। स्वयंसेवी संस्थाओं से जुड़े लोगों की मदद से कार में सवार लोगों को बाहर निकाला गया। ओमप्रकाश, उसकी पत्नी सोरमा, प्रमीला, रोनित, यशवी और खुशी की मौके पर ही मौत हो गई थी। ओमप्रकाश सेवानिवृत अकाउंटेट थे। वे परिवार के साथ बीकानेर के मुकाम में बिश्नोई समाज के गुरु जम्भेश्वर के समाधि स्थल के दर्शन कर लौट रहे थे। मताना गांव के सरपंच दलबीर वर्मा ने बताया कि ओमप्रकाश 30 मई को ही फतेहाबाद के डीडीपीओ कार्यालय से सीनियर अकाउंटेट पद से रिटायर हुए थे।
Updated on:
16 Jun 2026, 11:28 AM IST
Published on:
15 Jun 2026, 3:50 PM IST
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