31 जुलाई 2026,

शुक्रवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

बीकानेर के अपराधी की ऐसी चालाकी! जेल में दोस्त बना, सीकर के फर्जी पते पर बनवा लिया पासपोर्ट; यूं खुली पोल

बीकानेर के आरोपी मूलचंद जाट ने जेल में एजेंट के जरिए सीकर के लक्ष्मणगढ़ का फर्जी पता देकर पासपोर्ट बनवा लिया। पुलिस सत्यापन के दौरान इस फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ। मुक्ताप्रसाद नगर थाने में मामला दर्ज कर लक्ष्मणगढ़ पुलिस अब एजेंट और अन्य सहयोगियों की तलाश कर रही है।
2 min read
Google source verification
Bikaner Criminal Jail Trap Fake Address Used to Get Passport

बीकानेर के शख्स ने सीकर का पता दिखाकर बनवाया पासपोर्ट (फोटो-एआई)

बीकानेर: मूल निवास बीकानेर में और दस्तावेजों में पता सीकर का…। इसी फर्जीवाड़े के आधार पर पासपोर्ट बनवाने का मामला पासपोर्ट सत्यापन के दौरान सामने आया है। बीकानेर पुलिस ने फर्जी दस्तावेजों से सीकर जिले का पता दर्शाकर पासपोर्ट बनवाने के आरोप में एक व्यक्ति के खिलाफ मामला दर्ज किया है। पुलिस की जांच में सामने आया कि आरोपी ने वर्ष 2023 में आधार कार्ड समेत अन्य दस्तावेजों में फर्जी तरीके से सीकर का पता दर्ज करवाया और फिर इन्हीं दस्तावेजों के आधार पर पासपोर्ट हासिल कर लिया।

मामले में मुक्ताप्रसाद नगर थाना पुलिस ने जीरो नंबर एफआईआर दर्ज कर इसे लक्ष्मणगढ़ थाने भेजा है। पुलिस अब फर्जी दस्तावेज तैयार कराने और पासपोर्ट बनवाने में शामिल अन्य लोगों की भूमिका की पड़ताल कर रही है।

मौके पर नहीं मिला आरोपी

थानाधिकारी विश्वजीत सिंह के अनुसार, 28 जुलाई को पासपोर्ट सत्यापन के दौरान पासपोर्ट संख्या 9297289 की जांच की गई। पासपोर्ट में सीकर जिले के लक्ष्मणगढ़ का पता दर्ज था। पुलिस जब सत्यापन के लिए इस पते पर पहुंची तो वहां संबंधित व्यक्ति नहीं मिला। जांच और पूछताछ के बाद पता चला कि आरोपी मूलचंद जाट उर्फ मुलाराम पुत्र सुरजाराम जाट मूल रूप से नोखा क्षेत्र पाखा क्षेत्र के झाड़ेली का रहने वाला है और वर्तमान में बीकानेर के बंगलानगर में रह रहा है। पुलिस के अनुसार आरोपी के खिलाफ पहले से भी कई आपराधिक प्रकरण दर्ज हैं।

दस्तावेजों के मिलान से सामने आया फर्जीवाड़ा

जांच के दौरान पुलिस ने आरोपी के दस्तावेजों का मिलान किया तो पते में गड़बड़ी सामने आई। पुलिस के अनुसार, वर्ष 2023 में आधार कार्ड सहित अन्य दस्तावेजों में सीकर का पता दर्ज कराया गया था। जबकि आरोपी का मूल और वर्तमान निवास बीकानेर जिले से जुड़ा हुआ है।

एजेंट और सहयोगियों की भूमिका की जांच

पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 420, 465, 468 और 471 तथा पासपोर्ट अधिनियम, 1967 की धारा 12 (1) (बी) के तहत मामला दर्ज किया है। अब जांच इस दिशा में आगे बढ़ाई जा रही है कि फर्जी दस्तावेज तैयार कराने, पता बदलवाने और पासपोर्ट बनवाने की प्रक्रिया में एजेंट के अलावा और कौन-कौन लोग शामिल थे।

जेल में हुई मुलाकात, फिर एजेंट तक पहुंचा

पुलिस जांच में फर्जी पासपोर्ट बनवाने की एक कड़ी बीकानेर केंद्रीय कारागार तक भी पहुंची। आरोपी पिछले दिनों किसी मामले में जेल में बंद था। इसी दौरान उसकी मुलाकात चूरू जिले के बीदासर निवासी देवी सिंह से हुई। पुलिस के अनुसार देवी सिंह ने ही उसे सीकर में पासपोर्ट बनवाने वाले एक एजेंट से मिलवाया। इसके बाद एजेंट के माध्यम से फर्जी दस्तावेज तैयार करवाए गए। इन्हीं दस्तावेजों के आधार पर आरोपी ने सीकर का पता दर्शाते हुए पासपोर्ट बनवा लिया।