
जयप्रकाश गहलोत/ बीकानेर। नशे के लिए पंजाब बदनाम है और वहां का नशा अब तेजी से हमारे प्रदेश को भी गिरफ्त ( Drugs Smuggling in Rajasthan ) में ले रहा है। श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़, बीकानेर और चूरू जिले में मादक पदार्थ तस्करी और नशा करने वालों की तादाद लगातार बढ़ रही है। पाकिस्तान से हेरोइन तस्करी ( Heroin smuggling ) के लिए बदनाम पंजाब के तस्कर श्रीगंगानगर जिले में सक्रिय होने से अब हेरोइन जैसे महंगे नशे ने भी पांव पसारने शुरू कर दिए हैं। साथ ही, वहां के बाशिंदों की रिश्तेदारियां इन जिलों में होना भी नशे के बढ़ावे का बड़ा कारण माना जा रहा है।
प्रदेश में पोस्त की बिक्री पर प्रतिबंध लगाने के बाद इसके आदी लोगों ने दूसरे नशे करने शुरू कर दिए हैं। युवा दर्द निवारक, नींद और बेहोशी आदि के लिए काम आने वाली दवाइयों की गिरफ्त में आ रहे हैं। नशे पर अंकुश लगाने के लिए बीकानेर रेंज के आइजी ने 87 पुलिस टीमों का गठन किया हंै। साथ ही थाना स्तर पर भी एक-एक विशेष टीम बनाई है। नशे के कारोबार में श्रीगंगानगर पहले, हनुमानगढ़ दूसरे, बीकानेर तीसरे और चूरू चौथे नंबर पर हैं। बीकानेर पुलिस रेंज में जनवरी से अब तक मादक पदार्थ तस्करी के 707 मामले दर्ज हो चुके हैं।
संभाग में बरामद नशा
नशीली टेबलेट- 9.76 लाख
अफीम के पौध-76
अफीम-36 किग्रा
गांजा-73 किग्रा
डोडा-पोस्त-5033 किग्रा
हेरोइन-1 किग्रा
अंग्रेजी शराब-14680 ली.
देशी शराब-49 हजार ली.
हथकढ़ शराब-2870 ली.
बीयर-2663 बोतल
स्प्रिट-151 लीटर
(जनवरी से अगस्त)
- 5 साल में नशे का ज्यादा कारोबार पनपा है। लत और मोटे मुनाफे के लिए युवा नशे के जाल में फंस रहे हैं। रेंज में सक्रिय 87 टीमों ने आठ महीने में 642 तस्करों से हेरोइन जैसे नशीले पदार्थ जब्त किया हैं। जोस मोहन, आइजी बीकानेर रेंज
Updated on:
06 Sept 2019 08:18 am
Published on:
06 Sept 2019 08:16 am

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