4 जनवरी 2026,

रविवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

मेरी खबर

icon

प्लस

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

Rajasthan: राजस्थान में सरकारी स्कूलों को लेकर आया ये बड़ा आदेश, जानिए विभाग के शासन सचिव ने क्या कहा

राजस्थान में दक्षिण पश्चिमी मानसून बीते 28 दिनों से सक्रिय है। ऐसे में अब सरकारी विद्यालयों में विद्यार्थियों और शिक्षकों के जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित करने की सुध शिक्षा विभाग ने ली है। शिक्षा विभाग के शासन सचिव ने इसके लिए निर्देश जारी किए हैं।

2 min read
Google source verification
शिक्षा विभाग के शासन सचिव ने जारी किए आदेश, पत्रिका फोटो

Image Source (Patrika)

राजस्थान में दक्षिण पश्चिमी मानसून बीते 28 दिनों से सक्रिय है। ऐसे में अब सरकारी विद्यालयों में विद्यार्थियों और शिक्षकों के जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित करने की सुध शिक्षा विभाग ने ली है। शिक्षा विभाग के शासन सचिव ने इसके लिए निर्देश जारी किए हैं। निर्देश के तहत ग्राम पंचायत प्रारंभिक शिक्षा अधिकारी (पीईईओ) और शहरी संकुल प्रारंभिक शिक्षा अधिकारी (यूसीईईओ) से उनके क्षेत्र के सभी स्कूल सुरक्षित है, इसका प्रमाण पत्र मांगा है।

स्कूल बिल्डिंग फिटनेस सर्टिफिकेट मांगा

विभाग के शासन सचिव कृष्ण कुणाल ने संभागीय संयुक्त निदेशकों एवं मुख्य जिला शिक्षा अधिकारियों को आदेश जारी किए हैं। इसमें कहा है कि क्षेत्र के पीईईओ एवं यूसीईईओ के माध्यम से उनके अधीन विद्यालयों के संबंध में एक प्रमाण पत्र प्रस्तुत कराया जाए। इसमें परिक्षेत्र में सभी विद्यालयों का निरीक्षण कर लिया होने, सभी विद्यालय परिसर सुरक्षित होने तथा सुरक्षा मानकों में मिली कमियां दूर कर ली गई होने की प्रतिबद्धता हो।

यह करना है सुनिश्चित

स्कूल में जल स्त्रोत क्षतिग्रस्त, जर्जर अथवा खुले नहीं हो। कुएं, टैंक आदि के पास जाने से विद्यार्थियों को प्रतिबंधित किया गया हो। स्कूल परिसर से वर्षा जल निकासी की व्यवस्था की हुई है।
संस्था प्रधान का दायित्व है कि नियमित रूप से स्कूल भवन और कक्षा-कक्ष की छत का निरीक्षण करें। छत में सीलन हो अथवा टपकती या प्लास्टर उखड़ा हो तो उस कक्ष का उपयोग विद्यार्थियों को बैठाने के लिए नहीं करें।
स्कूल भवन में बिजली लाइन और प्वाइंट व्यविस्थत हो। तार खुले हो तो उनकी टेपिंग कराई जाए।

आधे मानसून के बाद आई याद

प्रदेश के सरकारी स्कूलों के भवनों की जर्जर स्थिति की जानकारी होने के बावजूद हर साल शिक्षा विभाग मानसून सक्रिय होने के बाद ही भवनों की सुरक्षा को लेकर कदम उठाता है। हर साल की तरह इस बार भी अब शिक्षा विभाग की नींद टूटी है। ऐसे में अब भवनों के निरीक्षण और मरम्मत के प्रस्तावों पर कार्रवाई को लेकर खुद शिक्षा विभाग की कार्यशैली पर ही सवाल खड़े हो रहे हैं।