
हाउस होल्ड सर्वे के तहत एक घर में जानकारी लेते शिक्षक।
एक अप्रेल से शुरू होने वाले नए शिक्षा सत्र को देखते हुए स्कूलों में नामांकन बढ़ाने का प्रयास शुरू कर दिया गया है। इसके तहत शुक्रवार से हाउस होल्ड सर्वे एवं उन बच्चाें का चिन्हिकरण शुरू कर दिया गया है, जो लंबे समय से ड्रॉप आउट है। इसे देखते हुए स्कूलों के शिक्षकों ने घर-घर की चौखट पर अपनी उपस्थिति देनी प्रारंभ कर दी है, ताकि कोई बच्चा शिक्षा से वंचित नहीं रहे और निजी स्कूलों की टक्कर में ही सरकारी स्कूलों को टक्कर दे सके। हाउस होल्ड सर्वे में शिक्षक अभिभावकों से मिल कर सरकारी योजनाओं का लाभ बता रहे हैं और बच्चों को स्कूल भेजने का आग्रह कर रहे हैं।
प्रवेशोत्सव के पहले चरण में 27 मार्च से 25 अप्रेल तक हाउस होल्ड सर्वे एवं बच्चों का चिन्हिकरण किया जा रहा है। इसके बाद 8 अप्रेल तक प्रवेशोत्सव का सघन अभियान चलाया जाएगा। इस अभियान के दौरान बच्चों को स्कूलों में प्रवेश के दौरान उनका तिलक लगाकर स्वागत किया जाएगा और 10 से 15 अप्रेल तक फिर प्रवेशोत्सव सघन अभियान चलाया जाएगा। प्रथम चरण में ही एक अप्रेल से दो मई तक नामांकन अभियान का मॉड्यूल प्रविष्टि की जाएगी। प्रवेशाेत्सव के इस अभियान में शहरी और ग्रामीण इलाकों के शिक्षक को एक भी घर नहीं छोड़ना होगा, जो बच्चे स्कूल नहीं आ रहे हैं। उन्हें स्कूल भेजने के लिए अभिभावकों को प्रेरित किया जाएगा।
दूसरा चरण 4 मई से
प्रवेशोत्सव का दूसरा चरण चार मई से चार जुलाई तक चलेगा। इस अवधि में भी पहले चरण में शेष रहे बच्चों का चिन्हिकरण एवं हाउस होल्ड सर्वे किया जाएगा। प्रवेशोत्सव के तहत नव प्रवेशित विद्यार्थियों का उत्साहवर्द्धन करने के लिए स्कूल में कदम रखने पर उनका तिलक लगाकर स्वागत किया जाएगा। प्रवेशोत्सव अभियान के अंतर्गत प्रत्येक स्तर के कार्य निर्धारित किए गए हैं। इसकी साप्ताहिक मॉनिटरिंग भी की जाएगी। साथ ही पीइइओ परिक्षेत्र के अंतर्गत विद्यालय परिक्षेत्र के प्रत्येक घर का सर्वे कर इसकी प्रविष्टि प्रवेशोत्सव ऐप पर करना अनिवार्य होगा, ताकि यह पता चल सके की शिक्षक बच्चों के घराें तक पहुंच रहे हैं।
Updated on:
28 Mar 2026 08:02 pm
Published on:
28 Mar 2026 08:02 pm
