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आठ हजार लोगों ने पिछले एक साल से नहीं देखी राशन की दुकान

bikaner news - Eight thousand people did not see the ration shop for the last one year

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आठ हजार लोगों ने पिछले एक साल से नहीं देखी राशन की दुकान

आठ हजार लोगों ने पिछले एक साल से नहीं देखी राशन की दुकान

राशन नहीं उठाने के कारणों का पता लगाने में जुटी रसद विभाग की टीम
जयभगवान उपाध्याय
एक्सक्लूसिव स्टोरी
बीकानेर.
एक ओर जहां पात्र लोगों के नाम राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (एनएफएसए) से नहीं जुड़ रहे हैं, वहीं दूसरी ओर जिले के करीब आठ हजार एनएफएसए राशन कार्ड धारकों को सरकारी राशन में कोई दिलचस्पी नहीं है। उन्होंने पिछले एक साल से राशन का उठाव तक नहीं किया है।

रसद विभाग की टीम अब पात्र परिवारों की ओर से राशन नहीं उठाने के कारणों का पता लगाने में जुट गई है। विभाग के अधिकारियों को अंदेशा है कि कहीं संबंधित राशन फर्जी तो नहीं है। रसद विभाग के अधिकारियों ने बताया कि करीब चार हजार राशन कार्ड धारकों की जानकारी विभाग को मिल भी गई है, इसमें अधिकतर पात्र परिवारों के सदस्यों की मृत्यु हो गई है, वहीं कुछ परिवारों को जांच के दायरे में भी लिया गया है। शेष रहे चार हजार राशन कार्ड धारकों की जांच के बाद राशन नहीं उठाने के कारणों का खुलासा हो सकेगा।


970 राशन की दुकानें
जिले में कुल ९७० राशन की दुकानें हैं, जिनमें विभिन्न श्रेणी के पात्र राशन कार्ड धारकों को राशन दिया जाता है। इसमें राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा (एनएफएसए) के करीब १२ लाख यूनिट को प्रतिमाह राशन उपलब्ध करवाया जा रहा है। जिला रसद अधिकारी भागूराम महला ने बताया कि जिले में करीब आठ हजार एनएफएसएस राशन कार्ड धारकों की गहनता से जांच की जा रही है कि उन्होंने राशन क्यों नहीं उठाया। इसके पीछे कई कारण हो सकते हैं लेकिन विभाग हर दृष्टि से जांच करने में जुटी है। उन्होंने बताया कि अगर जांच में यह पाया जाता है कि अपात्र होते हुए भी उन्होंने एनएफएसए में नाम जुड़वाया है तो संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।


कहीं यह कारण तो नहीं
असल में एनएफएसए कार्ड धारकों को राज्य सरकार कई लाभ देती है। हाल ही में मुख्यमंत्री चिरंजीवी योजना में भी एनएफएसएस कार्ड धारकों से प्रीमियम शुल्क नहीं लिया गया। इससे पूर्व एनएफएसएस कार्ड धारकों को गरीबी रेखा में मानते हुए राज्य सरकार निशुल्क जांच सुविधा और चिकित्सा सुविधा का लाभ भी देती है। रसद विभाग के अधिकारियों को इस बात का अंदेशा भी है कि संबंधित आठ हजार कार्ड धारकों में से हजारों राशन कार्ड धारक ऐसे भी हो सकते हैं जिन्होंने केवल चिकित्सा सुविधा का लाभ लेने के लिए एनएफएसएस में अपना नाम जुड़वाया हो।