असल में जिस स्थान पर किसान सम्मेलन आयोजित किया जाएगा, वह चूरू और बीकानेर जिले के बीच की सीमा है। ऐसे में सम्मेलन में बीकानेर और चूरू जिले की भीड़ जुटाने के लिए कांग्रेस ने एड़ी-चोटी का जोर लगाना शुरू कर दिया है। उधर भाजपा भी उप चुनाव को लेकर पीछे नहीं है। प्रदेशाध्यक्ष सतीश पूनिया के निर्देश पर सहाड़ा, वल्लभ नगर, चूरू तथा राजसमंद में कार्यकर्ताओं के सम्मेलन करने शुरू कर दिए हैं। चूरू की सुजानगढ़ विधानसभा में मास्टर भंवर लाल मेघवाल का निधन होने के बाद से दोनों पार्टियों की नजरें इस सीट को अपने पाले में लेने के लिए बेताब हैं।