
जयप्रकाश गहलोत/बीकानेर.
पीबीएम अस्पताल से संबद्ध सेठ चुन्नीलाल सोमानी राजकीय ट्रोमा सेंटर में मरीजों को अब और बेहतर सुविधाएं मिलेगी। मरीज को फ्री दवा के साथ उसका सम्पूर्ण उपचार होने तक भोजन और परिजनों के ठहरने की व्यवस्था भी नि:शुल्क उपलब्ध होगी। इसके लिए 'सोसायटी' का गठन किया जा रहा है। सोसायटी ट्रोमा सेंटर की देखरेख, सरकार से उपलब्ध दवाओं के अतिरिक्त दवा और उपकरण की आवश्यकता पडऩे पर उसकी व्यवस्था भी करेगी।
दो विभाग और आठ सेवारत चिकित्सक
ट्रोमा में न्यूरो और ऑर्थो दो विभाग है। इनमें डॉ. बीएल खजोटिया, डॉ. बीएल चौपड़ा, डॉ. रामप्रकाश लोहिया, डॉ. सुरेन्द्र चौपड़ा, डॉ. प्रतापसिंह, डॉ. समीर सहित थर्ड इयर के तीन, सैकंड इयर के तीन, फर्स्ट इयर के छह जूनियर रेजीडेंट डॉक्टर हैं। न्यूरो में डॉ. दिनेश सोढ़ी, डॉ. कपिल पारीक, तीन रेजीडेंट डॉक्टर है।
सोसायटी की प्रक्रिया अंतिम चरण में
पीबीएम अस्पताल के ट्रोमा सेंटर के लिए 'बीकानेर ट्रोमा सेंटर रिलीफ सोसायटीÓ बनाने की प्रक्रिया अंतिम चरण में है। सोसायटी के संरक्षक चुन्नीलाल होंगे। पीबीएम अस्पताल अधीक्षक एवं ट्रोमा सेंटर प्रभारी संस्था के पदेन सदस्य रहेंगे। एसपी मेडिकल कॉलेज प्राचार्य एवं ट्रोमा विभागाध्यक्ष विशिष्ट सदस्य रहेंगे। इसका ऑफिस ट्रोमा सेंटर में ही होगा।
मरीजों को मिलेगी यह सुविधाएं
- गरीब व्यक्तियों का उपचार एवं ऑपरेशन नि:शुल्क तथा अनुदानित दर पर दवा मुहैया कराना।
- ट्रोमा में भर्ती मरीज और उसके परिजनों को उपचार होने तक नि:शुल्क भोजन एवं आवास सुविधा।
- ट्रोमा से संबंधित जनचेतना के कार्य कराना, सम्पत्ति की सुरक्षा और देखभाल करना।
- संस्था में जमा रुपयों से स्थानीय जरूरतों के सामान की खरीद करना।
ट्रोमा पर एक नजर
- आइसीयू में दस बैड व सात वेंटीलेटर
- ट्रोमा के रेड एरिया में पांच बैड व पांच वेंटीलेटर
- ट्रोमा के आपातकालीन में दो ऑपरेशन थियेटर
- एक बड़ा ऑपरेशन थियेटर
- जनाना वार्ड में १५ और मर्दाना में ३० बैड
- पोस्ट ऑपरेटिव दोनों वार्ड में २० बैड
स्टाफ पर एक नजर
- स्टाफ नर्स १३३ व अटेंडेंट २९
- स्वीपर २९ व एक बागवान
- ट्रॉलीकर्मी ११ व सुरक्षाकर्मी १८
- सोनोग्राफी मशीन १ व एक्स-रे मशीन ४
- इएमडी व तकनीकी कर्मचारी ६
ट्रोमा रिलीफ सोसायटी
बेहतर व्यवस्थाएं संचालन करने के लिए बीकानेर ? ट्रोमा रिलीफ सोसायटी का गठन किया जा रहा है। सरकार से अनुमति प्राप्त हो गई है। सोसायटी में भामाशाह के सहयोग से ट्रोमा की देखरेख, दवाओं की आपूर्ति समेत कई जरूरी काम किए जा सकेंगे। सोसायटी बजट के लिए ४०-५० लाख रुपए भी भामाशाहों से एकत्र किए जाएंगे।
डॉ. बीएल खजोटिया, प्रभारी ट्रोमा सेंटर एवं विभागाध्यक्ष
Published on:
04 May 2018 10:21 am

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