
बीकानेर।
राजस्थान में किसान कर्जमाफी मुद्दे को लेकर 'हो-हल्ले' के बीच अब सरकार औपचारिक रूप से किसानों का क़र्ज़ माफ़ करने जा रही है। प्रदेश के वन एवं पर्यावरण मंत्री सुखराम विश्नोई ने कहा है कि राज्य सरकार वायदे के मुताबिक किसानों का कर्जमाफ की शुरुआत सांचौर जिले से 8 फरवरी से शुरु करेगी। बीकानेर दौरे पर पहुंचे विश्नोई ने मीडिया से कहा कि कांग्रेस के जनता से किए गए वायदे के अनुसार मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने सरकार बनते ही कर्जमाफी की घोषणा कर दी और अब इसकी शुरुआत सांचौर से की जाएगी।
विश्नोई ने बताया कि प्रदेश के सभी सहकारी किसानों का कर्जमाफ होगा। इसके अलावा जो किसान अपना कर्ज समय पर नहीं दे पाए हैं उनका भी कर्ज माफ किया जाएगा। उन्होंने सहकारी बैंकों के अलावा अन्य बैंकों से लिए गए किसानों के ऋण माफ के बारे में उन्होंने कहा कि जो साहूकार लोग हैं और समय पर अपना कर्जा दे रहे हैं, उनकी भी सालाना सहायता आदि देकर मदद की जाएगी।
राज्य में शिकार की घटनाओं पर विश्नोई ने कहा कि शिकार की घटना बढ़ी नहीं हैं और इस मामले में कार्रवाई भी की गई तथा आरोपियों को गिरफ्तार भी किया गया हैं। उन्होंने जनसुनवाई कार्यक्रम के बारे में कहा कि इसके माध्यम से लोगों की समस्या का समाधान करने के प्रयास किये जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि जो लोग कोर्ट-कचहरी के चक्कर लगा रहे हैं उनकी कांग्रेस पार्टी कार्यालय में रिपोर्ट लिखकर उसके समाधान के प्रयास किये जा रहे हैं।
हर ज़िले में लगेंगें शिविर
कर्जमाफी के लिए 7 फरवरी से प्रदेश के प्रत्येक जिले में पांच-पांच शिविर लगेंगे। इसके लिए मुख्य सचिव डीबी गुप्ता ने रविवार शाम को वीडियो कांफ्रेंस में सभी जिला कलक्टर को शिविर में उपस्थित रहने के निर्देश दिए हैं। रेंडम सर्वे के हिसाब से कलक्टर कुछ किसानों से सीधी बात कर कर्ज माफी की सत्यता जांचेंगे।
कर्जमाफी के लिए लगाए जा रहे शिविर में मात्र सहकारी बैंकों के कर्जदार किसानों को बुलाया जाएगा। कलक्टर से फर्जीवाड़े की शिकायत वाली सहकारी समितियों के कर्जदारों की सूची मांगी है। विभाग इन सूची में से फर्जी खातेदारों के नाम हटाएगा। अभी जिम्मेदारों पर कार्रवाई को लेकर कोई निर्णय नहीं लिया गया है। 8 फरवरी को भाजपा के जेल भरो आंदोलन को देखते हुए सरकार ने 7 फरवरी से कर्जमाफी शिविर लगाने का निर्णय किया है।
पहले रुपए 50 हजार, अब पूरी कर्जमाफी
शिविरों में सबसे पहले प्रदेश के उन लघु व सीमांत किसानों को बुलाया जाएगा, जिनके पूर्व भाजपा सरकार ने 50 हजार के ऋण माफ किए थे। अब इन किसानों के बाकी बचा कर्ज भी माफ किया जाएगा। इसके बाद मध्य व बड़े किसानों के कर्ज माफ किए जाएंगे। अभी राष्ट्रीयकृत बैंकों को लेकर कोई निर्देश नहीं दिए। बैंकों के डिफाल्टर किसानों के दो लाख तक माफी की घोषणा की गई थी।
Published on:
4 Feb 2019, 1:43 PM IST
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