प्रवासी कारीगर भी लौटे
स्वर्ण कारोबार की तेजी को देखते हुए अब प्रवासी स्वर्ण कारीगर भी अपने-अपने कारोबारी ठिकानों पर पहुंचने शुरू हो गए हैं। बीकानेर सहित जयपुर, जोधपुर सहित अन्य जिलों में सबसे अधिक बंगाल के स्वर्ण कारीगर इस कारोबार से जुड़े हैं। बीकानेर सर्राफा समिति के अध्यक्ष सुनील सोनी ने बताया कि अकेले बीकानेर में सालाना करीब एक हजार करोड़ रुपए का स्वर्ण कारोबार होता है। उन्होंने बताया कि इस कारोबार में पूरे राजस्थान में करीब पांच लाख स्वर्ण कारीगर प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रूप से जुड़े हैं। दिल्ली, हैदराबाद, कोलकात्ता तथा सूरत में रहने वाले लोग स्वर्ण कारोबार के लिहाज से बड़े खरीदार माने जाते हैं।