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स्ट्रेचर पर स्वास्थ्य, वेंटिलेटर पर व्यवस्था…राइट टू हेल्थ बिल का खमियाजा भुगत रहे मरीज

ऐसा नहीं है कि मरीज अस्पतालों तक पहुंच नहीं रहे हैं। मरीज अस्पताल पहुंच भी रहे हैं और उन्हें भर्ती करने की भी जरूरत दिखती है, लेकिन हड़ताल के प्रभाव में डॉक्टर्स इन मरीजों को चंद दवाएं देकर टरका रहे हैं।

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स्ट्रेचर पर स्वास्थ्य, वेंटिलेटर पर व्यवस्था...राइट टू हेल्थ बिल का खमियाजा भुगत रहे मरीज

स्ट्रेचर पर स्वास्थ्य, वेंटिलेटर पर व्यवस्था...राइट टू हेल्थ बिल का खमियाजा भुगत रहे मरीज

बीकानेर. रेजिडेंट तथा निजी चिकित्सकों की हड़ताल के समर्थन में सोमवार को पीबीएम अस्पताल के सीनियर चिकित्सकों ने भी दो घंटे का कार्य बहिष्कार किया। इसके चलते सुबह दो घंटे चिकित्सा व्यवस्था बेपटरी हो गई। इस अवधि में मरीजों को खासी तकलीफ उठानी पड़ी। अस्पताल प्रशासन का चिकित्सा सेवाओं को सामान्य करने की कोशिश का दावा भी थोथा साबित हुआ। उधर, हड़ताल के कारण अस्पताल में मरीजों की संख्या दिनों दिन कम होती जा रही है। इस वजह से लैब में भी सैंपल कम आने लगे हैं। अन्य जांचों पर भी प्रभाव पड़ा है। ऐसा नहीं है कि मरीज अस्पतालों तक पहुंच नहीं रहे हैं। मरीज अस्पताल पहुंच भी रहे हैं और उन्हें भर्ती करने की भी जरूरत दिखती है, लेकिन हड़ताल के प्रभाव में डॉक्टर्स इन मरीजों को चंद दवाएं देकर टरका रहे हैं।

चौबीस घंटों में हो सके महज दो बड़े ऑपरेशन

हड़ताल के कारण अस्पताल में ऑपरेशनों की संख्या भी कम होती जा रही है। चौबीस घंटों में अस्पताल में दो मेजर ऑपरेशन हो पाए हैं। जबकि दस माइनर ऑपरेशन किए गए। इसके अलावा 911 मरीजों का आउटडोर में पंजीकरण किया गया और 71 मरीजों को भर्ती किया गया है। गौरतलब है कि अस्पताल में 494 रेजीडेंट हड़ताल पर गए हुए हैं।

दो घंटे कार्य बहिष्कार से बढ़ी दिक्कत

अस्पताल में सुबह 9 से 11 बजे तक सीनियर चिकित्सकों के कार्य बहिष्कार के चलते मरीजों की दिक्कत बढ़ गई। दो घंटे के बहिष्कार के चलते अस्पताल के सभी विभागों में मरीजों की लाइन लग गई थी। मरीज तो सुबह 9 बजे आउटडोर के समय में ही पहुंच गए थे, लेकिन चिकित्सक 11 बजे बाद पहुंचे। इसके अलावा मेडिकल कॉलेज में भी दो घंटे कक्षाएं भी नहीं लगीं। यहां के चिकित्सक शिक्षकों ने कक्षाओं का बहिष्कार किया।

दोपहर एक बजे तक लिए जाएंगे सैंपल

आउटडोर में सुबह 9 से 11 बजे तक सीनियर चिकित्सकों के कार्य बहिष्कार के कारण अब रक्त, मूत्र आदि की जांच के सैंपल लेने का समय बढ़ाया गया है। आमतौर पर लैब में दोपहर 12 बजे तक सैंपल लिए जाते हैं, लेकिन इस समय आउटडोर में बहिष्कार के चलते अब दोपहर एक बजे तक सैंपल लिए जाएंगे। अस्पताल के अधीक्षक डॉ. पीके सैनी ने बताया कि मरीजों की परेशानी को देखते हुए सैंपल लेने का समय बढ़ाया गया है। यह व्यवस्था हड़ताल तक ही जारी रहेगी। गौरतलब है कि मंगलवार को भी दो घंटे बहिष्कार किया जाएगा, लेकिन आपातकालीन सेवाएं प्रभावित नहीं रहेगी।

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