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चौबीस घंटे बाद भी नहीं बंधी पाल

किसी ने पेड़ के नीचे लिया आसरा तो कई परिचितों के घर पहुंचेनिगम ने झोंके संसाधन, टूटी पाल तक दिन भर पहुंचने की चलती रही मशक्कत
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बीकानेर

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Vimal Changani

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Updated: 25 Sep 2021, 10:34 PM IST

चौबीस घंटे बाद बाद भी नहीं बंधी पाल, गंदे पानी से घिरे रहे आशियाने

चौबीस घंटे बाद बाद भी नहीं बंधी पाल, गंदे पानी से घिरे रहे आशियाने

बीकानेर. सुजानदेसर में सोमारनाथ कुटिया के सामने खुदखुदा डेरे के पास शनिवार को चौबीस घंटे के बाद भी दो दर्जन से अधिक मकान गंदे पानी से घिरे रहे। नगर निगम की ओर से संसाधन झोंकने के बाद भी टूटी पाल को बांधने का काम नहीं हो सका। दिन भर जेसीबी और ट्रैक्टर ट्रॉलियां टूटी पाल तक पहुंचने के लिए कच्चा मार्ग बनाने में जुटे रही। वहीं दूसरी ओर सोमारनाथ कुटिया के सामने एकत्र पानी की निकासी के लिए पम्प की मदद ली गई। शुक्रवार शाम को गंदे पानी की पाल करीब पन्द्रह फीट तक टूटने से क्षेत्र के करीब आधा किलोमीटर क्षेत्र मंे गंदा पानी भर गया। कई मकानों में भी पानी पहुंचा है। दो दर्जन से अधिक मकान पानी से घिर गए। शनिवार को भी मकान पानी से घिरे रहे, हालांकि पानी का लेवल कुछ कम हुआ है। दिन भर निगम कर्मचारी टूटी पाल तक पहुंचने के लिए मार्ग बनाने में जुटे रहे।

पूरी रात खुले पेड़ के नीचे रहा परिवार

सोमारनाथ कुटिया के ठीक सामने स्थित चोरूलाल प्रजापत का मकान शुक्रवार शाम से गंदे पानी से घिरा हुआ है। घर के पास अब भी दो से तीन फीट पानी भरा हुआ है। घर में पहुंचना मुश्किल बना हुआ है। लकवा की बीमारी से पीडि़त चोरूलाल अपनी पत्नी, बेटे, बेटी और एक छोटे बच्चे के साथ शुक्रवार शाम से पेड़ के नीचे रह रहा है। घर के पास पानी अचानक बढऩे से तुरत-फुरत में परिवारजन सुरक्षित व खुले स्थान की ओर चले गए।