
IGNP: खत्म हो रहा था नहरबंदी का इंतजार की तभी...
बीकानेर. सरहिंद फीडर व राजस्थान फीडर के कॉमन बैंक में बीते सप्ताह आए कटाव ने नहरी पानी पर निर्भर रहने वाली बीकानेर समेत करीब 10 जिलों की लाखों की आबादी के माथे पर शिकन ला दी है। भीषण गर्मी के इस दौर में एक-एक दिन गिन कर लोगों का इंतजार कम होता दिखाई दे रहा था कि कॉमन बैंक में कटाव ने समस्या और विकराल कर दी। पहले से ही एक दिन छोड़ कर बीकानेर की शहरी आबादी पानी के लिए तरसती रह रही थी, तो वहीं मई तीसरे सप्ताह तक उसे अपने कष्टों का अंत होता दिख रहा था, लेकिन नई परेशानी ने लगता है कि बीकानेर वासियों का इंतजार और बढ़ा दिया है।
मुश्किलों में कट रहे थे दिन
गौरतलब है कि 20 मई को इंदिरा गांधी नहर में रीलाइनिंग का कार्य पूर्ण होने पर बंदी खत्म होने का इंतजार हो रहा है। इस बीच नई समस्या ने हालात और विकट कर दिए हैं। अब लगता है कि मई के चौथे सप्ताह से पहले पानी मिलना मुश्किल है। इस बात का संकेत संभागीय आयुक्त नीरज के पवन ने भी किया है। उन्होंने बताया कि सभी कर्मचारी अपने स्तर पर उपलब्ध जल संसाधनों के अनुरूप अधिकतम पेयजल आमजन को उपलब्ध कराने के लिए प्रयास करेंगे।
मंगलवार को भाखड़ा क्षेत्र के किसान प्रतिनिधिमंडल ने कटाव को बांधने के लिए चल रहे कार्य को देखा। किसानों का आरोप है कि नौ दिन से कटाव बांधने का कार्य कछुआ चाल से चल रहा है। दोनों नहरों के कॉमन बेड में कटाव के साथ ही सरहिन्द व राजस्थान फीडर के दूसरे किनारे के पटड़े में भी कटाव आ गया। इस बांधने के लिए ट्रैक्टर ट्रालियों से 15 किलोमीटर दूर से मिट्टी लाई जा रही है। प्रतिनिधि मंडल में ओम जांगू, जिला परिषद सदस्य मनीष मक्कासर, कुलविंद्र धोलीपाल, भोलासिंह नेहरा आदि शामिल थे।
विकट हो जाएंगे हालात
इंदिरा गांधी नहर और भाखड़ा नहर को इस माह पानी नहीं मिला तो हालात विकट हो जाएंगे। जो बिजाई हुई है, उसके बर्बाद होने से किसान चिंतित हैं। इसके अलावा इंदिरा गांधी नहर से जुड़े जिलों में पेयजल का गंभीर संकट उत्पन्न हो जाएगा। बीकानेर शहर में पेयजल संकट खड़ा हो ही चुका है। हनुमानगढ़, जैसलमेर व जोधपुर में पानी का संकट खड़ा हो सकता है। संभावना है कि सप्लाई 25 से 27 मई के बीच ही शुरू हो सकती है।
Published on:
19 May 2022 01:39 am
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