
बीकानेर. ट्रेन में महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा को लेकर रेलवे सुरक्षा बल चाक-चौबंद हो रहा है। हाल ही रेल मंत्री ने इस वर्ष को महिला व बाल सुरक्षा वर्ष घोषित किया है। इसके बाद रेलवे प्रबंधन सक्रिय हो गया है। खासकर रेलवे सुरक्षा बल सतर्क हो गया है। रेल मंत्री के निर्देश के बाद स्टेशनों से ट्रेनों तक और दफ्तरों में कार्यरत महिला कार्मिकों की सुरक्षा व सुविधाओं में विस्तार किया जाएगा। इसकी कवायद शुरू हो गई है।
रेलवे में कार्यरत महिला कर्मचारियों को आत्मरक्षा के लिए मार्शल आर्ट का प्रशिक्षण दिया जाएगा। इससे वे किसी भी परिस्थिति में अपनी सुरक्षा करने में सक्षम हो सकेंगी। कार्यालय में भी उनके लिए मूलभूत सुविधाओं में विस्तार किया जाएगा। ट्रेन में यात्रा करने वाली महिलाओं को कोई परेशानी नहीं हो, इसके लिए भी बंदोबस्त किए जा रह हैं। विशेषकर महिला कोच पर निगरानी रखी जाएगी, ताकि कोई पुरुष उस कोच में नहीं बैठ सके।
यह भी प्रस्तावित
ट्रेन में महिला कोच पीछे की बजाय मध्य में लगाए जाएंगे, जहां पर्याप्त रोशनी हो और मुख्य द्वार भी सामने हो। इसी तरह कोच में पैनिक बटन लगाने की योजना है। इसको दबाते ही आरपीएफ की टीम तुरंत उनके पास पहुंच जाएगी। आरपीएफ की महिला विंग (भैरवी) भी सुरक्षा के लिए सक्रिय है।
अमल शुरू
रेलवे ने वर्ष 2018-19 को महिला व बाल सुरक्षा वर्ष घोषित किया है। इस पर अमल भी शुरू हो गया है। महिला कर्मचारियों को आत्मरक्षा के गुर सिखाए जा रहे हैं। महिला यात्रियों के कोच का स्थान बदला जाएगा। उनके लिए सुविधाएं भी बढ़ेंगी।
अभय शर्मा, वरिष्ठ वाणिज्य मंडल प्रबंधक