क्वार्टर खाली करने की हिदायत, चिंता में सिपाही

पुलिस लाइन में 114 क्वार्टर, 70 नकारा घोषित

By: Jaiprakash

Published: 01 Jul 2020, 09:16 AM IST

बीकानेर। कोरोना काल में सरकार पुलिस कर्मचारियों, चिकित्सकों व नर्सिंग कर्मचारियों को कोरोना कर्मवीर व योद्धा बता कर उनका हौसला बढ़ रहा है, उन्हें कठिन परिस्थितियों में डटकर मुकाबला करने के लिए प्रेरित कर रही है वहीं बीकानेर में इसके उलट हो रहा है। बीकानेर पुलिस लाइन में रह रहे सिपाहियों इस कठिन समय में क्वार्टरों को खाली करने की हिदायत दी गई। अब सिपाहियों को रहने की चिंता सता रही है।

बीकानेर पुलिस लाइन में करीब ११४ क्वार्टर है, जिनमें से ४० को छोड़कर सभी क्वार्टरों को सार्वजनिक निर्माण विभाग ने नकारा घोषित कर दिया है। इनमें १० अपर श्रेणी और शेष नीचे की श्रेणी के क्वार्टर है। इन क्वार्टरों में करीब ४० क्वार्टरों का निर्माण ३०-३५ साल पहले हुआ था। शेष ७० क्वार्टरों का निर्माण करीब ६५-७० साल पहले हुआ था। अब यह क्वार्टर जर्जर हो रहे हैं। इसी साल २० फरवरी को सार्वजनिक निर्माण विभाग ने क्वार्टरों को नकारा घोषित कर दिया।

परिवार को लेकर जाए कहां...
पुलिस लाइन स्थित क्वार्टरों में अधिकांश सिपाही परिवार सहित तो कई अकेले निवास कर रहे हैं। कई महिला कर्मचारी ऐसी भी है जो बच्चों के साथ अकेली रह रही है, उनके पति बाहर रह रहे हैं। वर्तमान में कोरोना संक्रमण का खतरा बढ़ा हुआ है। ऐसे में महिला सिपाहियों के लिए अचानक क्वार्टर खाली करके दूसरे ठिकाने की व्यवस्था करना मुश्किल कार्य है। पुलिस कार्मिक चिंता में है। एक महिला पुलिसकर्मी ने बताया कि कोरोना के समय मकान किराए पर मिलना मुश्किल है। ऐसे में क्वार्टर खाली करने के आदेश दिए गए जो अनुचित है।

यह है मामला
सार्वजनिक निर्माण विभाग ने पुलिस लाइन परिसर स्थित आवासीय क्वार्टरों को नकारा घोषित किया गया है। इस पर पुलिस अधिकारियों ने सिपाहियों से क्वार्टरों को शीघ्र खाली करने की हिदायत दी है। पुलिस कर्मचारी के मुताबिक फरवरी, २० में सानिवि ने नकारा घोषित किया था। २२ मार्च, २० से जिले में लॉकडाउन लग गया। अब सिपाहियों को क्वार्टर खाली करने संबंधी लिखित नोटिस दिए गए हैं।


सिपाहियों का तनाव नहीं, मनोबल बढ़ाएं
सिपाहियों से क्वार्टर खाली करने की हिदायत दी गई है। वर्तमान समय में नया ठिकाना तलाशना मुश्किल है। जब तक सिपाहियों के पास अन्य विकल्प न हो, क्वार्टर खाली नहीं करवाया जाए। कोरोना में जान की परवाह नहीं कर ड्यूटी कर रहे हैं। सिपाहियों का मनोबल बढ़ाना चाहिए न कि उनको तनाव दिया जाए।
ओमप्रकाश जोशी, सेवानिवृत आरपीएस एवं वरिष्ठ अधिवक्ता


क्वार्टर हो चुके नकारा
पुलिस के क्वार्टर वर्षों पुराने है जो अब रहने लायक नहीं है। सानिवि व मुख्यालय इन्हें नकारा घोषित कर चुका है। छह महीने पहले कार्मिकों को क्वार्टर खाली करने तथा करणीनर स्थित पुलिस कॉलोनी में नए क्वार्टर के लिए आवेदन करने के लिए कहा गया लेकिन कुछेक कार्मिकों ने न क्वार्टर खाली किए और ना ही आवेदन किया। अब बारिश का मौसम है। कोई हादसा हो गया तो जानमाल का नुकसान हो सकता है। ऐसे मेें कार्मिकों को क्वार्टर में रहने की छूट देकर रिस्क नहीं ले सकते। इसलिए उन्हें क्वार्टर खाली करने के आदेश दिए गए हैं।
प्रदीप मोहन शर्मा, पुलिस अधीक्षक

Jaiprakash Reporting
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