28 जनवरी 2026,

बुधवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

कोटगेट सब्जी मंडी लाइव: अब तो मन ही नहीं करता केईएम रोड की तरफ जाने का

लोकसभा चुनाव को लेकर ऐसे तो शहर में कई मुद्दें हैं। लेकिन जुबां पर सबसे पहले आता है कोटगेट रेलवे फाटक का मसला। दोपहर करीब 11.30 बजे के आसपास हम बाइक लेकर पहुंच गए कोटगेट सब्जी मंडी। अच्छी बात यह रही कि उस समय हमें रेलवे फाटक खुला मिला। हालांकि, जब लौटे तो आखिर उसी […]

2 min read
Google source verification

लोकसभा चुनाव को लेकर ऐसे तो शहर में कई मुद्दें हैं। लेकिन जुबां पर सबसे पहले आता है कोटगेट रेलवे फाटक का मसला। दोपहर करीब 11.30 बजे के आसपास हम बाइक लेकर पहुंच गए कोटगेट सब्जी मंडी। अच्छी बात यह रही कि उस समय हमें रेलवे फाटक खुला मिला। हालांकि, जब लौटे तो आखिर उसी से सामना हुआ, जिससे हम और हमारे जैसे अन्य लोग भी डरते हैं। रेल फाटक बंद मिला। दो ही विकल्प थे। घूमकर वापस लौटें या चिलचिलाती धूप में इंतजार करें। हम वापसमुड़ गए। सब्जी मंडी में प्रवेश किया तो दुकानदार जाकिर हुसैन मिल गए। कहने लगे कोई मुद्दो कोणी…समस्या तो खाली एक ही है रेल फाटक। एक बार बंद हो जाए, तो 15 मिनट तक जाम लग जाता है। इसी बीच देखा सामने ही एक बड़ी चौकी पर सब्जियों की खरीदारी चल रही थी। वहां मन्नूलाल कच्छावा मिले। चाय की मनुहार की। चर्चा शुरू हुई, तो बोले सब्जी मंडी में बैठे हैं। साफ-सफाई आपके सामने है। दुकानें कितनी आगे आ रखी हैं। सब्जियों की टैक्सियां फंस जाती हैं। ग्राहकों को ही समस्या होती है। उन्होंने सीवरेज की समस्या का भी जिक्र किया। पास में ही खड़ी सुशीला देवी बोल पड़ी इंया तो सड़क्यां री समस्या तो है।

केईएम रोड जाने का मन नहीं करता

कानू गहलोत भी यहीं आ गए। बोले कोटगेट रेल फाटक की समस्या के कारण तो अब केईएम रोड जाने का मन ही नहीं करता। बाकी क्षेत्र में अच्छा काम हुआ है। खासकर रोजगार मिल रहा है। बारिश के समय पानी इकट्ठा होने की बड़ी समस्या का सामना करना पड़ता है। विकास का मानना है कि शहर में नशे का कारोबार तेजी से फैल रहा है। स्थिति यह हो गई है की रात को 9 बजे के बाद घर से बाहर निकलने से पहले सोचना पड़ता है। पुलिस कहीं नजर आती नहीं है। सुरक्षा सबसे बड़ा मुद्दा है।

सोलर से उम्मीद

सूलेमान ने टूटी सड़कों और सीवरेज के साथ रोजगार का मुद्दा उठाया। बोले पानी आ नहीं रहा। पहले आता था, लेकिन अब बस 30 से 40 मिनट ही आ रहा है। सोलर के क्षेत्र में जरूर अच्छा काम हुआ है। हां उम्मीद जरूर है क्योंकि बीकानेर में विकास की अपार संभावनाएं हैं।