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मांग को अनसुना करने का खमियाजा ग्रामीणों को जान देकर चुकाना पड़ रहा

डिवाइडर के अभाव में फिर हुआ हादसा, राजमार्ग पर अस्पताल के आगे एक साल में दूसरी घटना, अस्पताल, उपतहसील, पेट्रोल पंप, बिजली बोर्ड के आगे व रेंज चौराहे पर है डिवाइडर की बेहद जरूरत
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मांग को अनसुना करने का खमियाजा ग्रामीणों को जान देकर चुकाना पड़ रहा

मांग को अनसुना करने का खमियाजा ग्रामीणों को जान देकर चुकाना पड़ रहा

महाजन कस्बे में राजमार्ग संख्या 62 पर डिवाइडर की मांग को लगातार अनसुना करने का खामियाजा ग्रामीणों को जान देकर चुकाना पड़ रहा है। डिवाइडर के अभाव में वाहनों की रफ्तार जहां आबादी क्षेत्र में भी तेज रहती है। वहीं ग्रामीण भी सड़क पार करने के दौरान हादसे का शिकार हो जाते है।


गौरतलब है कि राजमार्ग को नया बनाकर टोल व्यवस्था शुरू करने के बाद इस मार्ग पर वाहनों की रफ्तार बढ़ी है। सरपट दौड़ते वाहनों से कस्बे के बीच कई बार जानलेवा हादसे हो चुके है। राजमार्ग पर बिजली बोर्ड कार्यालय में प्रतिदिन सैकड़ों लोगों की आवाजाही रहती है और उपभोक्ताओं को राजमार्ग पार कर बिजली बोर्ड कार्यालय में आना पड़ता है जो डिवाइडर के अभाव में खतरनाक साबित हो रहा है।

कस्बे में राजमार्ग पर पेट्रोल पंप के आगे भी डिवाइडर या बेरिकेड्स नहीं होने से कई जानलेवा हादसे हो चुके है। एक साल पहले कपूरीसर निवासी बाइक सवार दो युवक पेट्रोल पंप से बाइक में पेट्रोल भरवाकर वापस राजमार्ग चढ़े तभी तेज गति से आये ट्रक ने उन्हें चपेट में ले लिया जिससे दोनों युवाओं की मौके पर ही मौत हो गई। यहां राजमार्ग पर उपतहसील कार्यालय होने के कारण दिन में हर वक्त किसानों व अन्य लोगों की आवाजाही रहती है लेकिन सुरक्षा के नाम पर डिवाइडर व बेरिकेड्स आदि नहीं है।

राजमार्ग पर सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र के आगे भी बेरीकेट व डिवाइडर नहीं होने से जानलेवा हादसे हो चुके है। गत वर्ष भी अस्पताल के ठीक आगे बाइक, पिकअप व ट्रक की टक्कर होने से दो लोगों की जान चली गई थी। कस्बे में राजमार्ग पर स्थित आर्मी चौराहे व बस स्टैंड पर भी डिवाइडर के बिना कई हादसे पूर्व में हो गए है। पेट्रोल पंप के आगे डिवाइडर के अभाव में एक बाइक सवार ट्रक की चपेट में आने से उछलकर सड़क से करीब 50 $फीट दूर गिरा और मौके पर ही मौत हो गई थी।

बिजली बोर्ड के आगे भी रामबाग की एक महिला अपने घर का विद्युत मीटर बदलवाने की अर्जी देने आई व सड़क पार करते वक्त तेज गति से आये ट्रक की चपेट में आने से काल का ग्रास बन गई। राजमार्ग के दोनों तरफ आबाद कस्बे में रेलवे स्टेशन, विद्यालय, पशु अस्पताल, बस स्टैंड, पुलिस स्टेशन, अस्पताल सहित अन्य कई कामों के लिए आमजन को दिन में कई बार सड़क पार करनी पड़ती है। डिवाइडर की मांग कस्बे के सामाजिक संगठनों व जनप्रतिनिधियों द्वारा पिछले एक दशक से की जा रही है जिसे सार्वजनिक निर्माण विभाग द्वारा अनसुना किया जा रहा है।