
आधे उधर, आधे इधर...और इस तरह नर्सिंग कार्मिकों का सामूहिक अवकाश रहा बेअसर
बीकानेर. नर्सेज कार्मिकों के शुक्रवार को सामूहिक अवकाश पर चले जाने का आंशिक असर जिले की स्वास्थ्य सेवाओं पर पड़ा। नर्सिंग विद्यार्थियों और वरिष्ठ चिकित्सकों के अलावा रेजिडेंट डॉक्टर्स आदि के सहयोग से प्रशासन हड़ताल के विपरीत असर को थामने में कुछ हद तक कामयाब रहा। नतीजे में ज्यादातर तय ऑपरेशनों पर भी कोई खास असर नहीं पड़ा। हालांकि, ग्रामीण इलाकों में उन जगहों पर जरूर प्रभाव नजर आया, नर्सेज कार्मिक तैनात हैं। मरीजों की तादाद में भी कोई खास असर नहीं पड़ा। पीबीएम और जिला अस्पताल सहित अन्य चिकित्सा संस्थानों में ओपीडी लगभग सामान्य दिनों जैसी ही रही। हालांकि, जिला अस्पताल में ऑपरेशन टालने पड़े।
गौरतलब है कि 38 दिनों से आंदोलनरत नर्सिंग कार्मिकों ने शुक्रवार को सामूहिक अवकाश पर रह कर जयपुर में प्रदर्शन में शामिल होने का फैसला किया था। इस वजह से पीबीएम अस्पताल सहित अन्य स्वास्थ्य केन्द्रों में वैकल्पिक व्यवस्था के लिए प्रशासन को कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। हालांकि, मामला सिर्फ एक दिन का ही था, लिहाजा व्यवस्थाओं पर बहुत प्रतिकूल असर नहीं दिखा। सूचनाओं के मुताबिक, रेजीडेंट चिकित्सकों एवं दूसरे गुट के नर्सिंग कार्मिकों ने व्यवस्था को संभालने में सहयोग दिया। यूटीबी कार्मिक भी काम पर दिख रहे थे।
551 नर्सेज कार्मिक रहे हड़ताल पर
पीबीएम अस्पताल में 1280 नर्सेज कार्मिक कार्यरत हैं। इसमें से 551 कार्मिक सामूहिक अवकाश पर चले गए थे। जबकि 729 नर्सेज कर्मियों, 280 यूटीबी नर्सेज कार्मिक, करीब डेढ़ सौ नर्सेज विद्यार्थियों ने वार्डों तथा ऑपरेशन थिएटर की व्यवस्था संभाली। गौरतलब है कि पीबीएम अस्पताल में नर्सेज कर्मियों के दो संगठन बने हुए हैं। इसमें राजस्थान नर्सिंग यूनियन से जुड़े नर्सेज कार्मिक सामूहिक अवकाश में शामिल नहीं हुए थे। इन कार्मिकों ने 23 अगस्त को ही जयपुर में अपना अलग आंदोलन कर लिया था।
Published on:
26 Aug 2023 02:34 am

बड़ी खबरें
View Allबीकानेर
राजस्थान न्यूज़
ट्रेंडिंग
