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नौ हजार जाति और मूल निवासी प्रमाण पत्र लम्बित, रोजाना बन रहे महज तीन सौ

जाति और मूल निवासी प्रमाण पत्र चाहने वालों की लम्बी सूची, एक कार्मिक के सहारे चल रहा काम

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स्थानीय निकायों में निकली सफाई कर्मचारियों की भर्ती के चलते मूल निवास और जाति प्रमाण-पत्र बनवाने वालों की संख्या बढ़ गई है। तहसील कार्यालय में भी इन प्रमाण-पत्रों के लिए आवेदनों की लम्बित सूची बढ़ती जा रही है। अनुमान के मुताबिक तहसील कार्यालय में करीब साढ़े नौ हजार आवेदन मूल निवासी और जाति प्रमाण-पत्र के पैंडिंग हैं।

इ-मित्र केन्द्रों से प्रतिदिन करीब चार सौ आवेदन इन प्रमाण पत्रों के लिए प्राप्त हो रहे हैं जबकि तहसील कार्यालय प्रतिदिन करीब तीन सौ प्रमाण-पत्र ही जारी कर पा रहा है। सफाई कर्मचारी भर्ती के साथ-साथ अन्य विभागों में निकली भर्तियों के कारण भी मूल निवासी और जाति प्रमाण-पत्र बनवाने के लिए आवेदनों की संख्या में इजाफा हो रहा है। प्रमाण-पत्र जारी होने में लगने वाले समय को देखते हुए तहसील कार्यालय की ओर से आवेदकों को स्टेटस स्लिप दी जा रही है।

तहसील कार्यालय की जानकारी के अनुसार प्रतिदिन इ-मित्र केन्द्रों से करीब चार सौ आवेदन मूल निवासी प्रमाण-पत्र और जाति प्रमाण-पत्र के लिए प्राप्त हो रहे हैं। इनमें शहर और ग्रामीण क्षेत्रों के आवेदन शामिल हैं। स्थानीय निकायों में सफाई कर्मचारियों की भर्ती सहित कई अन्य विभागों की भर्तियों को देखते हुए बड़ी संख्या में आवेदन हो रहे हैं।

इतने आवेदन हैं पैंडिंग
तहसील कार्यालय में जाति और मूल निवासी प्रमाण-पत्र के लिए आवेदनों की संख्या बढ़ रही है। कार्यालय की जानकारी के अनुसार करीब साढ़े नौ हजार आवेदन पत्र पैंडिंग चल रहे हैं। इनमें मूल निवासी के करीब 4500, जाति प्रमाण-पत्र में ओबीसी के 1300, एससी-एसटी के 3600 तथा अन्य करीब 250 आवेदन पैंडिंग हैं, जिनके प्रमाण पत्र जारी करने है।

करीब पचीस दिन का इंतजार
तहसील कार्यालय में जिस प्रकार से मूल निवासी और जाति प्रमाण-पत्रों की पैंडिंग सूची बढ़ रही है उसके कारण आज आवेदन देने वाले आवेदक को करीब पचीस दिन बाद ही प्रमाण-पत्र मिल सकता है। कार्यालय में पहुंच रहे आवेदकों को भी कार्यरत कार्मिक लगभग इतने ही दिनों बाद प्रमाण-पत्र मिलने की संभावना जता रहे हैं।

शीघ्र बनाने के प्रयास
मूल निवासी और जाति प्रमाण-पत्र बनवाने के लिए आवेदन बढ़े हैं। कार्यालय की ओर से प्रतिदिन करीब तीन सौ प्रमाण पत्र जारी किए जा रहे हैं। एक काउंटर बढ़ाया गया है। शीघ्र प्रमाण-पत्र बने इसके लिए एक काउंटर और बढ़ाया जाएगा। आवेदकों को असुविधा नहीं हो और समय पर प्रमाण-पत्र जारी हो जाए, इसके प्रयास चल रहे हैं। आवेदकों को स्टेटस स्लिप भी दी जा रही है।
गोविन्द राम, तहसीलदार बीकानेर।

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