जिले में 18 सीएचसी  15 में सोनोग्राफी मशीन नहीं, 03  में मशीन पर  02 में जांच के लिए चिकित्सक नहीं

सरकार ग्रामीणों की भी सुनों : 50 से 100 किमी यात्रा कर सोनोग्राफी करवाने आ रहे शहर
मरीज और गर्भवती महिलाएं हो रही परेशान

By: Vimal

Published: 28 May 2021, 06:05 PM IST

बीकानेर. कोरोना महामारी को लेकर सरकार और प्रशासन ग्रामीण क्षेत्रों में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं पुख्ता करने की बात कह रहे है। लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में सब सेंटर और प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र तो दूर सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों (सीएचसी) पर भी ना पूरे चिकित्सक है और ना ही जांच के लिए आवश्यक उपकरण। हालात यह है कि सोनोग्राफी जांच तक की भी सुविधा सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों पर नहीं है। करीब 50  से  100  किलोमीटर तक का सफर तय कर ग्रामीण क्षेत्रों के मरीजों और गर्भवती महिलाओं को सोनोग्राफी जांच के लिए बीकानेर शहर आना पड़ रहा है।


जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में 18  सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों का संचालन हो रहा है। स्थिति यह है कि इन  18  सीएचसी में से  15  सीएचसी में सोनोग्राफी मशीन ही नहीं है।  03  सीएचसी में सोनोग्राफी मशीने स्थापित है, लेकिन  02  सीएचसी में सोनोलोजिस्ट नहीं होने के कारण सोनोग्राफी की जांचे नहीं हो रही है।  18  में से महज एक देशनोक सीएचसी में सोनोग्राफी जांच की सुविधा मरीजों और गर्भवती महिलाओं को मिल रही है। स्वास्थ्य विभाग की पीसीपीएनडीटी सेल की सूची में भी जिले की एकमात्र देशनोक सीएचसी शामिल है, जिसमें वर्तमान में सोनोग्राफी मशीन चालू स्थिति में है।

 

यहां सोनोग्राफी की सुविधा नहीं
जिले के  15  सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों पर सोनोग्राफी मशीनें ही नहीं है। स्वास्थ्य विभाग की जानकारी अनुसार नापासर, पूगल, छत्तरगढ़, श्रीडूंगरगढ़, मोमासर, नोखा, जसरासर, पांचू, कालू, महाजन, कोलायत, गजनेर, बज्जू, हदां, गडिय़ाला सीएचसी में सोनोग्राफी जांच की सुविधा नहीं है। यहां न मशीनें है और ना ही जांच के लिए डॉक्टर है।

 

धूल फांक रही मशीनें
जिले में देशनोक, खाजूवाला और लूणकरनसर सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों पर सोनोग्राफी मशीनें है। इनमें देशनोक सीएचसी पर ही मरीजों को इस मशीन का लाभ मिल रहा है। यहां मशीन चालू है और जांच के लिए डॉक्टर भी है। लेकिन खाजूवाला और लूणकरनसर सीएचसी में सोनोग्राफी मशीनें बंद है और धूल फांक रही है। बताया जा रहा है कि जांच के लिए सोनोलोजिस्ट नहीं होने से इन मशीनों का लाभ मरीजों को नहीं मिल रहा है।

 

कोलायत की पांचों सीएचसी में सोनोग्राफी नहीं
राज्य के उच्च शिक्षा मंत्री भंवर सिंह भाटी का विधानसभा क्षेत्र कोलायत है। इस विधानसभा क्षेत्र में पांच सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र है। एक भी सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र पर सोनोग्राफी जांच की सुविधा नहीं है। क्षेत्र में बड़ा निजी चिकित्सालय भी नहीं है। ऐसे में सोनोग्राफी जांच के लिए मरीजों को बीकानेर शहर आना पड़ता है। कोलायत में गजनेर, कोलायत, हदां, गडियाला और बज्जू में सीएचसी संचालित हो रहे है।

 

चिकित्सकों की कमी
सोनोग्राफी जांच सोनोलोजिस्ट चिकित्सकों की ओर से की जाती है। बताया जा रहा है स्वास्थ्य विभाग में सोनोलोजिस्ट चिकित्सक नहीं है। इसके कारण दो सीएचसी पर मशीने बंद पड़ी है। जांच के लिए चिकित्सक नहीं मिलने के कारण विभाग अन्य सीएचसी पर सोनोग्राफी मशीनें लगानी की सोच भी नहीं रहा है। पूगल सीएचसी में एक सोनोलोजिस्ट चिकित्सक है, लेकिन वहां सोनोग्राफी मशीन नहीं होने से चिकित्सक की विशेषज्ञता का लाभ विभाग नहीं ले पा रहा है।

 

किए जा रहे प्रयास
जिले की तीन सीएचसी में सोनोग्राफी मशीने स्थापित है। देशनोक सीएचसी में सोनोग्राफी मशीन का लाभ मरीजों को मिल रहा है। दो सीएचसी में मशीनें है, लेकिन चिकित्सक नहीं होने के कारण वर्तमान में मशीनों का उपयोग नहीं हो पा रहा है। सोनोग्राफी जांच के लिए चिकित्सकों को लेकर सरकार को पत्र लिखा हुआ है। सोनोग्राफी जांच के लिए जल्द चिकित्सक उपलब्ध हो इसके प्रयास किए जा रहे है। जिले की सभी सीएचसी में सोनोग्राफी मशीनें नहीं है।
डॉ. राजेश गुप्ता, सीएमएचओ, बीकानेर

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