29 जनवरी 2026,

गुरुवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

अब कैमल मिल्क पाउडर में मोटा अनाज मिलाकर बनाया रेडी टू ईट फूड

इस रेडिमिक्स को तीन से पांच मिनट तक पानी में उबालकर खाया जा सकता है। स्वाद के लिए चीनी भी डाली जा सकती है।

less than 1 minute read
Google source verification
अब कैमल मिल्क पाउडर में मोटा अनाज मिलाकर बनाया रेडी टू ईट फूड

अब कैमल मिल्क पाउडर में मोटा अनाज मिलाकर बनाया रेडी टू ईट फूड

बीकानेर. कैमल मिल्क से कुल्फी, फ्लेवर्ड दूध, पेड़े, गुलाब जामुन और चॉकलेट जैसे उत्पाद बनाने के बाद अब राष्ट्रीय उष्ट्र अनुसंधान केन्द्र (एनआरसीसी) ने मोटे अनाज से रेडी टू ईट फूड तैयार किया है। कैमल मिल्क पाउडर को पांच अलग-अलग मोटे अनाज में मिश्रित कर यह पैकेज्ड पौष्टिक आहार बनाया गया है।वैज्ञानिकों ने पहले कैमल मिल्क से पाउडर बनाने का काम किया। एक किलो ऊंटनी के दूध से सौ ग्राम पाउडर तैयार होता है। इसके बाद बाजरा, ज्वार, रागी, कोदो तथा कंगनी जैसे मोटे अनाज को पाउडर में मिलाकर इसमें सफलता हासिल की। एनआरसीसी ने इसका ट्रेड मार्क भी ले लिया है। इसे कैमी डस्ट ट्रेड मार्क से प्रचारित किया जाएगा। केंद्र निजी कंपनी को तकनीकी ज्ञान साझा कर सकता है। यदि कोई कंपनी करार करती है तो वह इस ट्रेड मार्क का उपयोग कर सकती है।

मोटे अनाज के प्रति जागरूकता फैलाना उद्देश्य

दो मिनट नूडल्स की तर्ज पर केंद्र ने इस रेडी टू मिक्स फूड को तैयार किया है। इस रेडिमिक्स को तीन से पांच मिनट तक पानी में उबालकर खाया जा सकता है। स्वाद के लिए चीनी भी डाली जा सकती है। वर्ष 2023 को अंतरराष्ट्रीय मोटा अनाज वर्ष घोषित किया हुआ है। इसका उद्देश्य मिलेट्स (मोटा अनाज) के स्वास्थ्य वर्धक होने और जलवायु परिवर्तन के कारण मौसम की विपरीत परिस्थितियों में भी उपयुक्त पैदावार के बारे में जन जागरूकता बढ़ाना है।

स्वास्थ्यवर्धक उत्पाद

कैमल मिल्क पाउडर तथा मोटा अनाज मिश्रित यह उत्पाद बेहद स्वास्थ्यवर्धक है। इसे मधुमेह रोगी और बुजुर्ग भी खा सकते हैं। दूध जनित एलर्जी भी इससे नहीं होती है।

- डॉ. आर्तबंधु साहू, निदेशक, राष्ट्रीय उष्ट्र अनुसंधान केन्द्र बीकानेर।

Story Loader