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अब पॉजिटिव व्यक्ति के शव का परिजन कर सकेंगे अंतिम संस्कार

जिला कलक्टर ने सरकार की गाइडलाइन के तहत जारी किए नए दिशा-निर्देश

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अब पॉजिटिव व्यक्ति के शव का परिजन कर सकेंगे अंतिम संस्कार

अब पॉजिटिव व्यक्ति के शव का परिजन कर सकेंगे अंतिम संस्कार

बीकानेर। किसी परिजन की मौत के बाद ब्राह्मणों व फकीरों को भोजन, पितरों को दाना देने और श्राद में कौओ को खाना खिलाने वाले समाज में कोरोना वायरस के संक्रमण से मरने वालों के परिजनों को ताउम्र का दर्द मिल रहा है। इसे बदनसीबी कहे या कोरोना का डर कि सरकार ने परिजनों से उनके ही रिश्तेदार के अंतिम संस्कार का हक छीन लिया।

परिजनों के सामने सरकारी नुमाइंदें लावारिश की तरह शव का अंतिम संस्कार करवाते और परिजन दूर खड़े बेबस देखते रहते। इनमें भी कुछ चुनिंदा परिजन। उम्रभर सालने वाले इस दर्द से मुक्ति के लिए आमजन ने कोविड पॉजिटिव परिजन की मौत पर शव का अंतिम संस्कार कराने की अनुमति देने की गुहार लगाई। अब आमजन के मन की पीड़ा को समझते हुए सरकार ने सख्त शर्तों के साथ परिजनों को अंतिम संस्कार करने की छूट दी है।


कलक्टर ने जारी किए आदेश
जिला कलक्टर नमित मेहता ने कोविड पॉजिटिव मृतक की अंतिम संस्कार के संबंध में आदेश जारी कर नए-दिशा-निर्देश दिए हैं। इन दिशा निर्देशों में सरकार की कोरोना गाइडलाइन के अनुसार सख्ती के साथ छूट दी है। इसकी सख्ती से पालना करने की हिदायत स्वास्थ्य विभाग और नगर निगम को दी है। इसके साथ ही अब परिजन अपने परिजनों का अंतिम संस्कार खुद कर सकेंगे। शव को श्मशान ले जाने के लिए उन्हें घंटों वाहन का इंतजार नहीं करना पड़ेगा। वह खुद अपने स्तर पर वाहन की व्यवस्था कर सकेंगे।

दूर से ही हाथ जोड़ देते थे विदाई
कोरोना ने पूजा-पाठ व रीति-रिवाज सबके तौर-तरीकों में बदलाव ला दिया। सबसे बड़ा बदलाव कोविड पॉजिटिव की मौत में देखने को मिला। मृतक के रिश्तेदार को सरकार की गाइडलाइन के अनुसार बॉडी कागजों में हैंडओवर करने के बाद अंतिम क्रिया संबंधी सभी काम सरकारी स्तर पर होते थे। परिजन केवल दूर से हाथ जोड़ नम आंखों से विदाई दे सकते थे।


पहले होता था यह
- पहले यूपीएचसी व पीएचसी के इंचार्ज की जिम्मेदारी तय थी। इन स्वास्थ्य केन्द्रों के प्रभारियों की देखरेख में शव को सीधे श्मशान घाट ले जाया जाता।
- पीपीई किट स्वास्थ्य विभाग उपलब्ध करवाता
- नगर निगम की गाड़ी बुलाई जाती
- परिजनों को शव सुपुर्द नहीं किया जाता
- परिजन दूर से देखते थे


यह है नए दिशा-निर्देश
- मृतक का शव लेने के लिए अधिकतम पांच परिजनों को ही अनुमति होगी
- मृतक के परिजनों को ंखुद पीपीई किट की व्यवस्था करनी होगी
- मृतक के शव को परिजन निजी वाहन या एम्बुलेंस के माध्यम से सीधा श्मशान ले जाया जाएगा।
- शव घर नहीं ले जाया जा सकेगा
- किसी भी स्थिति में मृतक के शव को पीपीई किट से बाहर नहीं निकाला जाएगा।
- अंतिम क्रिया पूर्ण होने के बाद श्मशान या कब्रिस्तान स्थल पर एम्बुलेंस व परिजन के वाहन को सैनेटाइजर, हाइपोक्लोराइड का छिड़काव कराया जाएगा। इसके ३० मिनट बाद ही वाहनों को रवाना किया जाएगा।
- अंतिम क्रिया पूर्ण होने के बाद शव की राख पात्र में डालकर टेग लगवाकर कब्रिस्तान में ही सुरक्षित रखवाई जाएगी।
- मृतक का शव अस्पताल से श्मशान या कब्रिस्तान स्थल पर अंतिम संस्कार पूर्ण होने तक नगर निगम के दो कार्मिक उनके साथ रहेंगे।


इनका कहना है...
परिवार के किसी व्यक्ति के मरने के बाद अंतिम संस्कार नहीं कर पाना सबसे बड़ा दर्द है। आमजन की शव का अंतिम संस्कार कराने की अनुमति देने के आग्रह को सरकार ने स्वीकार कर लिया है। सरकार की नई गाइडलाइन के अनुसार कोविड पॉजिटिव मृतक का पांच परिजन अंतिम संस्कार करवा सकेंगे।
नमित मेहता, जिला कलक्टर