ये प्रस्ताव हुए तैयार
मेहता के अनुसार समिति की ओर से एसबीएमजी के तहत 5.98 करोड, एफएफसी के तहत 7.88 करोड तथा मनरेगा के तहत 3.78 करोड रुपए के वित्तीय प्रस्ताव तैयार कर भिजवाए जा रहे हैं, जिनके जरिए ठोस अपशिष्ट निस्तारण के लिए 8.01 करोड तथा तरल अपशिष्ट निस्तारण के लिए 9.52 करोड रुपए व्यय करने की योजना है। इसके तहत कचरा पात्र स्थापित करवाने, कंपोस्ट बनाने, मैजिक पिट, नाली निर्माण और आरआरसी सेंटर निर्माण जैसी गतिविधियां की जाएगी। जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी ओमप्रकाश के अनुसार ठोस और तरल कचरा प्रबंधन परियोजना का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्र में सैनिटाइजेशन को बढ़ावा देना है। प्रथम चरण के प्रस्ताव तैयार कर दिए गए हैं। इन्हें अनुमोदित करवा कर वित्तीय स्वीकृति के लिए भिजवाया जाएगा। बैठक में उपनिदेशक समेकित महिला एवं बाल विकास शारदा चैधरी, पीएचईडी अधीक्षण अभियंता दीपक बंसल सहित सम्बंधित अधिकारी उपस्थित थे।