
उफ...रेगिस्तान में ऐसा बर्फीला मौसम, पेड़ों पर सांगरी की तरह लटकी बूंदों की लड़ी
बीकानेर. अंचल में इन दिनों भीषण शीतलहर चल रही है। रेगिस्तान कहे जाने वाले पश्चिमी राजस्थान में भी ऐसी बर्फीली हवाएं चल रही हैं कि लोगों की कंपकंपी छूट रही है। घर के बाहर परिंदों के लिए रखे पानी के बर्तनों में पानी जम रहा है, तो खेतों में बर्फ की चादर सी बिछी नजर आ रही है। जो कि दरअसल ओस की बूंदें होती हैं या मौसमी नमी का असर होता है, जो तापमान के बेहद कम होने के कारण जम चुका होता है। इन दिनों बीकानेर में खेजड़ी के पेड़ हों या अन्य पेड़ पौधे अथवा खेत। बर्फीले मौसम का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि पेड़ों पर जमा पानी की बूंदे नीचे गिरने के लिए लुढ़कती हैं लेकिन हवा में इतनी ठंडक घुली होती है कि वह नीचे तक आती तो हैं, लेकिन पत्तों टहनियों के सहारे नीचे उतरते उतरते भी जम जाती हैं। देखने में ये बिलकुल सांगरी की फलियों जैसी लटकी नजर आती हैं। अंतर सिर्फ रंग का होता है।
फिलहाल मौसम विभाग की मानें, तो अंचल में चल रही शीतलहर का असर अब दो दिन बाद कम होने की संभावना है। इसके बाद न्यूनतम तापमान में दो से चार डिग्री सैल्सियस तापमान में बढ़ोतरी की संभावना है। जिले में सोमवार को आसमान साफ रहने से धूप भी खिल गई। इससे वजह से दोपहर के समय ठंडी हवा का असर ज्यादा नहीं लग रहा था। लोगों ने दिन भर धूप का सेवन कर सर्दी से राहत पाई। तेज धूप निकलने से अधिकतम तापमान में भी बढ़ोतरी की गई। साथ ही न्यूनतम तापमान में भी दो डिग्री सैल्सियस का इजाफा हुआ है। न्यूनतम तापमान 2.4 डिग्री सैल्सियस दर्ज किया गया है। जबकि एक रात पहले यह पारा 1.2 डिग्री रेकार्ड किया गया था। वहीं अधिकतम तापमान रविवार को 20.3 डिग्री सैल्सियस दर्ज किया गया था, लेकिन सोमवार को इसमें दो डिग्री सैल्सियस की बढ़ोतरी हुई। मौसम विभाग के अनुसार शीतलहर का असर दो दिन और रहेगा। इसके बाद दोनों ही तापमान में इजाफा होने की संभावना जताई जा रही है।
Published on:
17 Jan 2023 02:44 am
